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रिसर्च से जुड़कर बना सकते हैं एकेडमिक में कॅरियर, जानिए एक्सपर्ट के टिप्स

Thu, 26 Apr 2018 12:31 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमाे पिक
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के आईबीएसबीटी संस्थान में बुधवार से दो दिवसीय ओरिएंटेशन व रिसर्च प्रोग्राम की शुरुआत हुई। इसमें विशेषज्ञों ने बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े कोर्स और उसमें कॅरियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

 
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भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान (आईआईपीआर) के वैज्ञानिक प्रो. कृष्ण कुमार ने बतौर मुख्य वक्ता छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बायोटेक्नोलॉजी, बायोइंफॉरमेटिक्स, बायोलॉजी आदि विषयों में कॅरियर की अपार संभावनाएं हैं। छात्र बीएससी, एमएससी करने के बाद रिसर्च से जुड़ सकता है। एकेडमिक में कॅरियर बना सकता है। इसके अलावा विभिन्न लैब में काम कर सकता है।

 
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प्रो. नंदलाल ने कहा कि बायो साइंस की पढ़ाई से जॉब तो बेहतर मिलते हैं साथ में जीवन से जुड़े अहम बातों का भी ज्ञान होता है। एनएसआई की वैज्ञानिक डॉ. सीमा परोहा, कार्यक्रम संयोजक डॉ. शिल्पा कायस्थ ने भी छात्रों को संबोधित किया। इस दौरान डॉ. नीरजा, डॉ. वर्षा गुप्ता, डॉ. अन्निका, डॉ. अमीना जैदी, डॉ. एकता खरे, डॉ. शिल्पी उत्तम, डॉ. अनामिका, डॉ. देव बक्श सिंह, डॉ. मधुलिका, डॉ. शालिनी आदि मौजूद रहे।

 

पोस्टर और मॉडल का किया प्रदर्शन

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विभिन्न कॉलेजों से जुटे छात्र-छात्राओं ने मॉडल और पोस्टर की प्रदर्शनी लगाई। इसमें छात्रों ने कैंसर जैसी घातक बीमारी की रोकथाम, पौधों को रोगमुक्त करने, खाद्य पदार्थों में मिलावट आदि विषयों का रिसर्च पोस्टर प्रस्तुत किया। छात्रों से विशेषज्ञों ने सवाल-जवाब भी किए। इसके बाद विजेताओं के नाम फाइनल हुए। हालांकि इसकी घोषणा गुरुवार को की जाएगी।

 
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नदियों के किनारे पेड़ लगा रहे छात्र

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विश्वविद्यालय के एमएससी इनवायरमेंटल साइंस के छात्र वरुण शुक्ला, सोमेंद्र सिंह और अंकिता शुक्ला ने एक टीम बनाकर नदियों के किनारे पेड़ लगाने का अभियान शुरू किया है। छात्रों ने इसके पहले इस विषय पर गहन अध्ययन किया। वरुण बताते हैं कि नदियों के किनारे पेड़ लगाने से जल को काफी हद तक संरक्षित किया जा सकता है। इसके अलावा प्रदूषण का स्तर भी कम होगा।  
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