कानपुर में मसाला कारोबारी की पत्नी आंचल खरबंदा (25) की मौत के मामले में कॉल रिकॉर्डिंग वायरल होने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को पांच कॉल रिकॉर्डिंग वायरल हुईं। सभी रिकॉर्डिंग आंचल व उसके पिता की बातचीत के हैं।
एक रिकॉर्डिंग में आंचल कहती हैं कि अब वह पत्थर की हो गई हैं। इसलिए अब इनको (सूर्यांश व उसके परिवार वालों को) पिटवाओ, कटवाओ जो भी कराओ, मैं अब इसकी चीखें सुनना चाहती हूं। क्योंकि पहले इन्होंने मेरी चीखें सुनीं अब मैं इनकी चीखें सुनूंगी।
इसी तरह की अन्य रिकॉर्डिंग में भी बातचीत है। बातचीत में अभद्र शब्दों का इस्तेमाल काफी अधिक है। दूसरी रिकॉर्डिंग में आंचल अपने पिता से कहती हैं कि वह एक अच्छा से वकील खोज लें। पुलिस से अच्छे संबंध हैं ही उनको और बेहतर कर लें। क्योंकि अब मैंने ठान लिया है कि क्या करना है।
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कानपुर में कारोबारी की पत्नी की मौत का मामला
- फोटो : अमर उजाला
रिकॉर्डिंग में वह यह भी कहती हैं कि अगर वह चाहें तो एनजीओ की सौ महिलाओं को वहां बुला सकती हैं। दूसरी तरफ आंचल के पिता ने भी उनका समर्थन किया। इन कॉल रिकॉर्डिंग से एक बात की पूरी आशंका है कि सूर्यांश की तरफ से कुछ न कुछ बड़ा कारनामा किया गया था।
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जिस वजह से आंचल उससे परेशान थीं। यहां तक की वह हार चुकी थीं। इसलिए वह खुद के पत्थर होने की बात कह रही हैं। हालांकि दूसरे हिस्से का सच अभी तक सामने नहीं आया है।
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दूसरी शादी की तलाश में थीं आंचल!
कॉल रिकॉर्डिंग से ऐसा लगता है कि आंचल पूरी तरह से टूट चुकी थीं। इसलिए वह अपने पिता से बातचीत के दौरान किसी की शादी की बात होती है। तब आंचल पिता से कहती हैं कि वह उनकी भी फोटो दिखाना शुरू करें। बाद में वह कहती हैं कि अब उनको खुद की शादी करने से कोई नहीं रोक सकता। यानी आंचल इतना परेशान थीं कि तय कर लिया था कि वह ज्यादा दिनों तक सूर्यांश के साथ जीवन नहीं बिताएंगी।
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जब तक जिंदा हूं, तब तक एक गिलास पानी नहीं दूंगी
रिकॉर्डिंग में आंचल व उसके पिता गाली-गलौज करते सुनाई दिए। इस दौरान आंचल कहती हैं कि अब उन्होंने तय कर लिया है कि वह एक दिन भी खाना नहीं बनाएंगी। फिर कहती हैं कि जब तक जिंदा हूं तब तक इसको (सूर्यांश) एक गिलास पानी तक नहीं दूंगी। आंचल कहती हैं कि इस शख्स को (सूर्यांश) को पता नहीं है कि दर्द कैसा होता है। मैंने बच्चे तक को जन्म देने से मना नहीं किया। इसके लिए दर्द सहा। मगर यह कुछ समझ नहीं सका।