आंचल खरबंदा की मौत के बाद से एक के बाद एक वायरल हो रहीं कॉल रिकॉर्डिंग व वीडियो को लेकर उनके परिजनों का कहना है कि आंचल ससुराल वालों से त्रस्त हो चुकी थीं। आए दिन की प्रताड़ना सहने की क्षमता खत्म हो चुकी थी।
उनका दावा है कि साजिश के तहत कॉल रिकॉर्डिंग व वीडियो वायरल किए जा रहे हैं। यह अधूरा सच है। केवल एक पहलू उजागर कर खुद को बेगुनाह साबित करने का प्रयास किया जा रहा है। आंचल के भाई अक्षय ग्रोवर ने कहा कि सूर्यांश और निशा आंचल को हर तरह से प्रताड़ित करते थे। कई बार विवाद हुआ।
मगर हमेशा यह प्रयास किया गया कि बहन का परिवार बचा रहे। इसलिए विवाद के बाद बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया गया। उसके बावजूद मेरी बहन पर बर्बरता की गई।
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कानपुर में कारोबारी की पत्नी की मौत का मामला
- फोटो : अमर उजाला
अक्षय का कहना है कि जिस तरह से रिकॉर्डिंग व वीडियो वायरल हो रहे हैं उससे साफ है कि सूर्यांश व उसका परिवार काफी दिनों से इसकी साजिश रच रहा था। जैसे ही आंचल की मौत हुई वैसे ही एक के बाद एक रिकॉर्डिंग व वीडियो वायरल किए जाने लगे।
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रिकॉर्डिंग व वीडियो में केवल सूर्यांश का पक्ष है। आंचल पर की गई बर्बरता की कहानी उससे गायब है। अक्षय ने दावा किया कि उनके पास सूर्यांश व उसके परिवार के खिलाफ पुख्ता साक्ष्य हैं। रिकॉर्डिंग व वीडियो होने का भी दावा किया है। जल्द ही वह पुलिस को सौंपेंगे।
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आखिर वायरल करने वाले कौन हैं
आंचल की मौत के दूसरे ही दिन से रिकॉर्डिंग व वीडियो वायरल होने लगे थे। पुलिस का सीधे तौर पर इनकार है कि उनकी तरफ से कुछ भी वायरल नहीं किया जा रहा है। यहां तक पुलिस अफसर कह रहे हैं कि सोशल मीडिया के जरिये ही उनको रिकॉर्डिंग व वीडियो मिले। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर इसके पीछे कौन है।
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जांच में शामिल होंगे सभी तथ्य
केस की विवेचना एसीपी नजीराबाद संतोष कुमार सिंह कर रहे हैं। वह वायरल हो रहे वीडियो व रिकॉर्डिंग को जांच में शामिल करेंगे। इसकी फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है। दूसरी तरफ राज्य महिला आयोग की टीम भी इन तथ्यों का सत्यापन कर जांच कर रही है। पुलिस को निर्देशित भी किया है कि साक्ष्यों के आधार पर मजबूत विवेचना करें। जिससे कोई भी आरोपी बच न पाए।