बांदा जिला पंचायत सदस्य व भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री श्वेता सिंह गौर बहुत सरल स्वभाव की थी। दीपक भी हंसमुख है। दोनों एक-दूसरे को बहुत मानते थे। कभी झगड़े की बात सामने नहीं आई। बस दीपक में एक कमी थी कि वह हर दिन अपने दोस्तों को घर बुलाकर शराब पीता-पिलाता था। उनकी खूबसूरत जिंदगी में इतनी बड़ी अनहोनी हो जाएगी यह कभी किसी ने नहीं सोचा था। यह कहना है दीपक सिंह गौर के आस-पास रहने वालों का। पड़ोसियों के मुताबिक वैसे दीपक मोहल्ले में ज्यादा मतलब नहीं रखता था। दोस्तों को छोड़कर न ही उसका मोहल्ले में आना-जाना था। लेकिन श्वेता गौर मिलनसार थी। दीपक के घर में दोस्तों का जमावड़ा बहुत रहता था। देर रात तक लोग रहते और शराब पीते थे। बस उसकी यह हरकत पड़ोसियों को नापसंद थी। इसलिए कोई उसके घर आता-जाता नहीं था। श्वेता की मौत के एक दिन पूर्व दोनों के बीच बहुत झगड़ा हुआ था। तभी दोनों की तेज आवाज बाहर तक सुनाई दी। इसके पहले कभी उनके बीच झगड़ा नहीं सुना।
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पति और दो बेटियों के साथ श्वेता सिंह गौर
- फोटो : अमर उजाला
श्वेता-दीपक के बीच कलह की भनक नहीं रही भाजपाइयों को
डीडीसी व भाजपा नेत्री श्वेता सिंह गौर और भाजपा नेता अधिवक्ता डॉ. दीपक सिंह गौर के बीच चल रही कलह की भनक भाजपाइयों को भी नहीं रही। जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों का कहना है कि तिंदवारी-जसपुरा क्षेत्र में होने वाले संगठन कार्यक्रमों में दोनों पति-पत्नी बढ़चढ़ कर प्रतिभाग करते रहे। लेकिन कभी भी मनमुटाव को जाहिर नहीं होने दिया।
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भाजपा नेता श्वेता सिंह की मौत के मामले में वायरल हो रहा वीडियो
- फोटो : अमर उजाला
बांदा सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी का कहना है कि घरेलू मामलों में दखल ठीक बात नहीं। कलह की जानकारी सामने आती तो निपटारा करने की कोशिश की जाती। जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि उन्हें श्वेता और दीपक के बीच चल रहे विवाद की जानकारी नहीं हुई। न ही दोनों ने पार्टी नेताओं को कोई बात बताई।
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श्वेता सिंह गौर की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा जिला पंचायत सदस्य का शव फंदे से लटका मिला
आपको बता दें कि बांदा जिला पंचायत सदस्य व भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री श्वेता सिंह गौर का शव बुधवार को बंद कमरे में फंदे से लटका मिला था। श्वेता के पिता धर्मवीर सिंह ने भाजपा नेता व अधिवक्ता पति डॉ. दीपक सिंह गौर पर हत्या का आरोप लगाया है। डॉ. दीपक भाजपा किसान मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष रह चुके हैं। पत्नी श्वेता (35) जसपुरा क्षेत्र में वार्ड-12 (जसपुरा प्रथम) से जिला पंचायत सदस्य थीं।
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भाजपा नेता श्वेता सिंह की मौत का मामला, बेटी ने हाथ जोड़कर मांगा न्याय
- फोटो : अमर उजाला
दीपक का पैतृक गांव मरझा (जसपुरा) है। दीपक और श्वेता अपनी तीनों बेटियों मित्तो (14), गौरी (10) व अविष्का (8) के साथ शहर के इंदिरा नगर स्थित आवास में रहते थे। सुबह 10 बजे नौकर छेदीलाल ने श्वेता के कमरे के बाहर से आवाज दी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। संदेह पर नौकर ने श्वेता के रिश्तेदार व कुछ पड़ोसियों को बुलाया। कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो सामने पंखे के सहारे दुपट्टे से श्वेता का शव लटका मिला।
पति और बच्चों के साथ श्वेता सिंह गौर
- फोटो : अमर उजाला
कमरे के बाहर आंगन में श्वेता के दो मोबाइल फोन भी टूटे हुए मिले। पुलिस अधिकारी, फोरेंसिक टीम व डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंचे। छेदीलाल ने पुलिस को बताया कि मित्तो लखनऊ में हॉस्टल में रहती है। गौरी सुबह अपने स्कूल चली गई थी। अविष्का कर्वी में अपनी ननिहाल में थी।