फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिकरू कांड: अनंत देव ने 148 अपराधियों को किया लंगड़ा, नजर नहीं आया 70 केस वाला दुर्दांत विकास दुबे

Fri, 13 Nov 2020 12:34 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 5
विकास दुबे कांड - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी अनंत देव के कार्यकाल में सौ से अधिक मुठभेड़ों में 148 अपराधियों के पैर में गोली मारी गई। ये अपराधी हत्या, लूट, दुष्कर्म समेत चोरी जैसे मामलों में लिप्त रहे। हालांकि 70 केस वाला विकास दुबे उनके नेतृत्व में कार्रवाई कर रही पुलिस को नहीं नजर आया।

 
विज्ञापन

2 of 5
विकास दुबे कांड - फोटो : अमर उजाला
विकास पर मेहरबानी ऐसी रही कि कार्रवाई तो कोई की नहीं बल्कि उस पर दर्ज केस से धाराएं हटाकर कमजोर करवा दिया। विकास दुबे की जमानत रद्द कराने का प्रयास न करने को भी एसआईटी ने उनके निलंबन का आधार बनाया है। एसएसपी अनंत देव करीब दो साल कानपुर में रहे। जनवरी 2020 में वो डीआईजी हुए थे। पूरे कार्यकाल में अपराधियों पर नकेल कसने की बात एसएसपी करते रहे थे।

 
विज्ञापन

3 of 5
विकास दुबे कांड - फोटो : अमर उजाला
मगर जब बिकरू कांड हुआ तो पुलिसिंग की पोल खुल गई। दरअसल विकास दुबे पर चौबेपुर, शिवली, कल्याणपुर समेत कई अन्य थानों में कुल 70 आपराधिक केस दर्ज थे। इसमें हत्याओं, हत्या के प्रयास आदि केस भी शामिल थे। प्रदेश सरकार के निर्देश के बावजूद उसको टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल नहीं किया गया। जानकारी के मुताबिक शहर में उससे अधिक केस किसी पर भी नहीं थे। 

 

4 of 5
विकास दुबे कांड - फोटो : अमर उजाला
कदम-कदम पर लापरवाही 
एसआईटी ने विकास दुबे को टॉप टेन लिस्ट में शामिल न करने को भी गंभीरता से लिया है। सूत्रों के मुताबिक जय के जरिये विकास को शह मिली थी। इसलिए उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक कि विकास और उसके रिश्तेदारों व परिचितों के शस्त्र लाइसेंसों का भी सत्यापन नहीं किया जाता था। यही वजह है कि पूरा गिरोह फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लाइसेंस लिए हुए था। एसआईटी ने अनंत देव को इस मसले पर भी दोषी माना है। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
विकास दुबे कांड - फोटो : अमर उजाला
जय की फाइल दबाई 
तत्कालीन आईजी आलोक सिंह ने एएसपी औरैया केसी गोस्वामी से जय बाजपेई की जांच कराई थी। इसमें जय समेत तमाम पुलिसकर्मी दोषी पाए गए थे। ये फाइल तब से दबी हुई थी। फाइल तत्कालीन एसएसपी अखिलेश कुमार मीणा के समय से ही दबी रही। अनंत देव जब आए तो भी इस पर कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें