ट्रेन पलटाने की साजिश नाकाम, ड्राइवर की सूझबूझ से बचा बड़ा रेल हादसा
Fri, 23 Mar 2018 12:35 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
सार
- उन्नाव में साजिश का शिकार होते बची आम्रपाली एक्सप्रेस
- गंगाघाट स्टेशन के आगे ट्रैक पर पड़े थे सात-सात फीट पटरियों के दो टुकड़े
- इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ड्राइवर ने बचाई सैकड़ों यात्रियों की जान
कानपुर-लखनऊ के बीच ट्रेन पलटाने की बड़ी साजिश नाकाम हो गई। कानपुर से लखनऊ की तरफ जा रही आम्रपाली एक्सप्रेस के सैकड़ों यात्रियों की जान बुधवार रात ड्राइवर की सूझबूझ से बच गई। उन्नाव में गंगाघाट रेलवे स्टेशन से एक किलोमीटर आगे ऋषि नगर केबिन के पास ट्रैक पर पटरियों के दो बड़े टुकड़े देख ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेेक लगा दिया। ट्रेन की गति धीमी थी इससे ट्रेन रुक गई। रेलवे के आईजी विजय प्रकाश और एटीएस टीम ने जांच की। घटना के पीछे ट्रेन को पलटाने या यात्रियों संग लूटपाट के लिए ट्रेन को रोकने की साजिश मानी जा रही है।
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12 अप्रैल 2017 की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
आम्रपाली रात 1:38 बजे उन्नाव के गंगाघाट रेलवे स्टेशन को क्रॉस कर रही थी, तभी ऋषि नगर केबिन के पास ट्रैक पर पड़े पटरियों के टुकड़े इंजन में लगे लाइन गार्ड से टकरा गए। ड्राइवर पूर्णेश्वर श्रीवास्तव ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया। ड्राइवर और सहायक ड्राइवर ने सात-सात फीट के दोनों टुकड़ों को ट्रैक से हटाया। फिर कंट्रोल रूम के साथ ही डीआरएम को सूचना दी। इसके बाद ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया। रेलवे मेमो में चार मिनट का ठहराव देकर 1:42 बजे ट्रेन रवाना करने की बात दर्ज की गई है।
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डेमाे पिक
करीब दो बजे जीआरपी मौके पर पहुंची। जीआरपी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। गुुरुवार को आईजी लखनऊ मंडल विजय प्रकाश, एसपी उन्नाव पुष्पांजलि समेत अन्य अफसर पहुंचे। एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया कि इंस्पेक्टर संतोष तिवारी की अगुवाई में टीम शुक्लागंज गई थी। ट्रैक के दोनों तरफ बस्ती भी है। ऐसे में ट्रेन को पलटाने की साजिश की बात कम समझ में आ रही है। संभव है कि शरारती तत्वों और बदमाशों ने लूटपाट के इरादे से ट्रैक पर पटरी डालकर ट्रेन को रोकने की कोशिश की और ट्रेन रुकने पर यात्रियों के नीचे आ जाने से इरादा बदल लिया हो।
आईजी रेलवे का भी कहना था कि आंतकी साजिश है या नहीं, यह जांच का विषय है, लेकिन प्रथम दृष्टया यही लगता है कि चोरी, डकैती या फि र लूट करने के इरादे से ट्रेन को रोकने के लिए डाउन ट्रैक पर रेल पटरियों के टुकड़े रखे गए होंगे।