हां धृतराष्ट्र आखों से महरूम थे, मगर ये न समझो कि मासूम थे। इधर कृष्ण अर्जुन से हैं हमकलाम, सुनाते हैं इंसानियत का पैगाम। अजब हाल अर्जुन की आखों का था, था सैलाब अश्कों का रुकता भी क्या। बढ़ी उलझनें और बेचैनियां, लगा उनको घेरे हैं दुश्वारियां। तो फिर कृष्ण ने उससे पूछा यही, बता किससे सीखी है यह बुजदिली...
श्रीमदभागवत गीता को उर्दू शायरी में ढालकर एक नया रूप देने वाले मशहूर शायर अनवर जलालपुरी का मंगलवार को लखनऊ में निधन हो गया। ब्रेन हैमरेज होने के कारण उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। आज सुबह 10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। श्रीमदभागवत गीता का उर्दू शायरी में अनुवाद करने वाले नामचीन उर्दू शायर को प्रदेश सरकार ने यश भारती सम्मान से नवाजा था।