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राजस्थान-बिहार के बाद अब यूपी में जीका वायरस ने दी दस्तक, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया ये अलर्ट   

Wed, 17 Oct 2018 08:14 AM IST
राजस्थान-बिहार के बाद अब यूपी में जीका वायरस ने दी दस्तक, स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया ये अलर्ट   
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राजस्थान और बिहार में जीका वायरस के दस्तक देने के बाद यूपी के तमाम जिलों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस वायरस से संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से डेंगू व चिकनगुनिया होता है। गर्भ ठहरने के दो तीन महीने में महिला इससे संक्रमित होती है तो उसके गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क का विकास प्रभावित होता है। इससे प्रभावित बच्चे का आकार छोटा और दिमाग अविकसित हो सकता है। यह शरीर के अंगों पर हमला करता है और लोग लकवे का शिकार हो सकते हैं। जीका वायरस वाला मच्छर सुबह शाम ज्यादा सक्रिय होता है। 

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- जीका वायरस लगने के बाद लक्षण...
 
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लक्षण
- ज्वाइंट पेन, आंखें लाल होना, उल्टी आना, बेचैनी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। मरीजों को बेड रेस्ट लेना चाहिए। 

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- जीका वायरस से बचाव...
 
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बचाव 
- घर में मच्छर न पनपने दें, मच्छरदानी का इस्तेमाल करें। जो महिलाएं लंबी यात्रा से लौटी हैं, खासतौर से उन जगहों से जहां वायरस फैला है, वो अगले आठ सप्ताह तक गर्भधारण करने से बचें। घर की खिड़कियों और दरवाजों पर जाली जरूर लगवाएं। जाली वाले दरवाजे हमेशा बंद रखें। अगर आपको डायबिटीज, हाइपरटेंशन, इम्यूनिटी डिसऑर्डर जैसी दिक्कतें हैं तो यात्रा करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। यात्रा से आने के दो सप्ताह के अंदर आपको हल्का बुखार होता है तो भी डॉक्टर से मिले। 

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- सैकड़ों लोग प्रतिदिन करते हैं राजस्थान व बिहार की यात्रा...
 

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यूपी के फर्रुखाबाद जिले की बात करें तो यहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग राजस्थान व बिहार जाते हैं। इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि अकेले फर्रुखाबाद से ही कई स्लीपर बसें हरदिन जयपुर रवाना होती हैं। इसके अलावा ट्रेन आदि से भी कई लोग जाते हैं। 

आगे की स्लाइड में पढ़ेंः- लखनऊ में ही हो सकती है जांच...
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फर्रुखाबाद जिले में जीका वायरस की जांच करने की व्यवस्था किसी भी अस्पताल में नहीं है। इसकी जांच के लिए मरीज को लखनऊ मेडिकल कॉलेज जाना पड़ेगा। जहां मरीज का पांच एमएल खून लेकर उसका आरटीपीसीआर टेस्ट किया जाएगा। फर्रुखाबाद के सीएमओ अरुण कुमार ने बताया कि जीका वायरस के संबंध में गाइडलाइन जारी कर दी गई है। अभी तक जिले में इसका कोई मामला सामने नहीं आया है। फिलहाल लोगों को मच्छरों से पूरी तरह बचाव करना चाहिए।
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