कानपुर में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान संक्रमित मरीजों की मौतों का सच छिपाने में शहर का सबसे बड़ा अस्पताल हैलट सबसे आगे निकल गया। अप्रैल में दूसरी लहर की पीक के दौरान कोरोना से हुई 160 मौतें लिखापढ़ी में कहीं दर्ज ही नहीं हुईं। इन गुमनाम मौतों की पुष्टि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरी भी करती हैं। डॉ. रिचा गिरी ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर अप्रैल में पीक पर थी। इमरजेंसी में रोजाना 100-110 मरीज आ रहे थे। हम सभी की कोविड-19 जांच कराते थे। एंटीजन में पॉजिटिव आने वालों को कोविड विंग में भर्ती किया जाता था और निगेटिव आए मरीजों की लक्षणों के आधार पर आरटीपीसीआर जांच कराई जाती थी। बताया कि अप्रैल में कोरोना की पीक के दौरान ही डाटा अपडेट करने वाला कर्मचारी भी संक्रमित हो गया। इससे कोरोना से हुई कई मौतों का डाटा अपलोड ही नहीं किया जा सका।