फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शर्मनाक : अस्पताल में मौत, परिजनों ने मुंह मोड़ा तो कूड़ा गाड़ी में अंतिम संस्कार के लिए ले गया पिता का शव

Sun, 30 May 2021 05:29 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
विज्ञापन
1 of 5
कूड़ा गाड़ी में शव रखते पुलिसकर्मी - फोटो : amar ujala
सांसों की डोर थमते ही पल भर में अपने बेगाने हो गए। पुत्र समेत अन्य परिजन अस्पताल से चोरी छिपे भाग निकले। पुलिस ने छह घंटे बाद पुत्र को राजी किया तो वह नगर पंचायत की कचरा गाड़ी लेकर आ गया और उसी में पिता का शव ले गया। नगर पंचायत के सहयोग से शव का अंतिम संस्कार करा दिया। मानवता को शर्मसार करने वाली घटना ने सभी को झकझोर दिया है। अपर जिलाधिकारी राम सुरेश वर्मा ने बताया कि ऐसा हुआ है तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सीएमओ से पूछताछ के बाद मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। कस्बा खरेला के मोहल्ला स्वामीदास निवासी रामकरन कुशवाहा (48) की पत्नी की 16 वर्ष पहले मौत हो गई थी। उस समय उसका इकलौता पुत्र दीपक दो वर्ष का था। तब रामकरन मासूम बेटे को लेकर मेहनत-मजदूरी के लिए दिल्ली चला गया था। 16 वर्ष बाद दो दिन पहले रामकरन बेटे के साथ घर वापस लौटा तो रामकरण के बीमार होने के कारण परिजनों ने उसे अंदर नहीं घुसने दिया।

 
विज्ञापन

2 of 5
कूड़ा गाड़ी में ले गए शव - फोटो : amar ujala
रात में हालत बिगड़ने पर शुक्रवार को पुत्र दीपक एंबुलेंस से पिता को जिला अस्पताल लाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाकर जांच शुरू की। शनिवार को मृतक का पंचनामा व पोस्टमार्टम के लिए थाना खरेला पुलिस जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंची लेकिन परिजन गायब मिले।

 
विज्ञापन

3 of 5
कूड़ा गाड़ी में शव रखने के बाद - फोटो : amar ujala
तब पुलिस ने पुत्र व परिजनों से संपर्क किया लेकिन उन्होंने शव लेने से इनकार कर दिया। कई बार समझाने-बुझाने के बाद पुत्र दीपक नगर पंचायत खरेला की कचड़ा गाड़ी लेकर मोर्चरी हाउस पहुंचा। उसी गाड़ी में पिता से शव को पोस्टमार्टम हाउस और बाद में घर ले आया।

 

4 of 5
परिजनों ने शव लेने से किया इनकार - फोटो : amar ujala
नगर पंचायत के सहयोग से अंतिम संस्कार भी किया। बेटे दीपक ने बताया कि वह यहां किसी को जानता नहीं है। परिजन शव लेने से मना कर रहे थे। जिससे वह भी नहीं गया। बाद में नगर पंचायत की गाड़ी आने पर पिता को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
शर्मनाक घटना - फोटो : amar ujala
उधर थानाध्यक्ष खरेला अनूप कुमार दुुबे का कहना है कि समझाने-बुझाने के बाद पुत्र व कुछ परिजन आ गए थे। जिन्हें पोस्टमार्टम के बाद शव सौंपा गया। जिला अस्पताल के सीएमएस डा. आरपी मिश्रा ने बताया कि उन्हें किसी ने जानकारी नहीं दी थी। सूचना मिलती तो शव वाहन उपलब्ध कराया जाता।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें