हैलो सीएमओ साहब! मैं 102 एंबुलेंस का चालक बोल रहा हूं। मुझे जिला अस्पताल से एक कोरोना संदिग्ध महिला के साथ घर छोडऩे भेज दिया गया। इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। उसका मोबाइल और डिस्चार्ज पेपर छुआ था। ऐसे में मुझे कोरोना हो सकता है। साहब अगर मुझे कोरोना हुआ तो मै उस दिन डयूटी पर रहने वाली सभी नर्सों को छू लूंगा।
विज्ञापन
2 of 5
कानपुर देहात जिला अस्पताल में भर्ती थी महिला
- फोटो : amar ujala
यह बातचीत सीएमओ व एंबुलेंस चालक के ऑडियो की है, जो वायरल हुई है। कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को ऐतिहात बरतने के निर्देश हैं। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कर्मी ही भ्रम का शिकार होकर अफसरों से भिड़ रहे हैं। ऐसा ही एक ऑडियो सीएमओ व एंबुलेंस चालक की बातचीत का वायरल हो रहा है।
विज्ञापन
3 of 5
एंबुलेंस के चालक ने की अभद्रता
- फोटो : amar ujala
इसमे 102 एंबुलेंस के चालक ने सीएमओ को बताया है कि उसे बीते सोमवार को जिला अस्पताल से एक कोरोना संदिग्ध महिला को घर छोडऩे के लिए कहा गया और उसे इसकी जानकारी भी नहीं दी गई। इस दौरान उसने महिला का मोबाइल इस्तेमाल किया और डिस्चार्ज पेपर छुआ था। अब उसे भी कोरोना हो सकता है।
4 of 5
जिला अस्पताल
- फोटो : amar ujala
सीएमओ ने उसके मास्क पहनने और खुद समेत एंबुलेंस को सैनिटाइज कराने की बात कही। इसपर चालक ने अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ द्वारा जानकारी न देने का आरोप मढा और खुद के कोरोना संक्रमित होने की स्थित में उस दिन डयूटी में रही नर्सों को छूने की बात सीएमओ से कही। पूरी बातचीत का ऑडियो वायरल होने पर सीएमओ ने इसे गंभीरता से लिया है और इसे अनुशासनहीनता माना है। मामले में अब कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
एंबुलेंस चालक ने फोन कर कोरोना संदिग्ध महिला को घर छोडऩे व नर्सिंग स्टाफ द्वारा जानकारी न देने की बात कही थी। उसे काफी समझाया गया था। चालक की पहचान कराई जा रही है। कोरोना होने पर नर्सों को छूने की बात कहना अनुशासनहीनता है। चालक के खिलाफ कार्रवाई के लिए एंबुलेंस सेवा के प्रबंधक व उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। डॉ. राजेश कटियार (सीएमओ)