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यूपी: मात्र 20 सेकंड में कार गायब करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, कई राज्यों में फैला था इनका आतंक

Thu, 05 Dec 2019 08:01 PM IST
प्राची प्रियम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, झांसी
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पकड़े गए आरोपी - फोटो : अमर उजाला
झांसी पुलिस की स्वॉट टीम व नवाबाद पुलिस ने गुरुवार को  मेडिकल बाईपास के पास कार चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी की सात कारें बरामद गई हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों लोगों को जेल भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि वे लॉक डिकोडिंग व ड्रिल मशीन के सहारे लॉक खोलकर गाड़ी चोरी करते थे। 

 
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car theft gang - फोटो : अमर उजाला
एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि 1 जून  को थाना सीपरी बाजार स्थित सीपी मिशन कंपाउंड निवासी सतीश कुमार की घर के बाहर खड़ी कार बदमाश चोरी कर ले गए थे। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। प्रकरण की जांच स्वॉट टीम प्रभारी जितेंद्र सिंह तक्खर व नवाबाद प्रभारी विनोद कुमार मिश्रा को सौंपी गई थी। 

 
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बरामद गाड़ियां - फोटो : अमर उजाला
लंबे समय की जांच के दौरान पुलिस के हाथ महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। पड़ताल में लगी पुलिस टीम को गुरुवार सुबह सूचना मिली कि उक्त गिरोह मेडिकल बाईपास के पास गाड़ियां बेचने की फिराक में है। सूचना पाकर पुलिस टीम ने दबिश देकर मौके से कार सवार दो युवकों को पकड़ा। पूछताछ के बाद पता चला कि दोनों गाड़ियां चोरी करते हैं। निशानदेही पर कचरा घर में छिपाकर रखी गई छह अन्य कारें बरामद की गईं। 

 

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मीडिया को जानकारी देती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
कार से ही पुलिस ने गाड़ी चोरी करने वाले उपकरण भी बरामद किए। पूछताछ में दोनों ने अपने मुकेश जाटव व रंजीत सिंह चौहान बताए। बरामद गाड़ियों में एक झांसी, दो गुना, एक निवाड़ी, एक धौलपुर व एक आगरा की है। पकड़े गए दोनों आरोपियों पर कई मामले भी दर्ज हैं। गिरोह के सदस्य दिल्ली, आगरा समेत राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड, गुजरात, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ राज्य में भी चोरी करते हैं।

 
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बरामद गाड़ियां - फोटो : अमर उजाला
20 सेकेंड में करते थे चोरी
पूछताछ में पता चला है कि गिरोह के सदस्य महज बीस सेकेंड के भीतर लॉक डिकोडिंग व ड्रिल मशीन के सहारे कार चोरी करते थे। सुनसान स्थानों पर खड़ी कार की रैकी करने के बाद कांच तोड़कर अंदर प्रवेश करते थे। इसके बाद लॉक डिकोडिंग व ड्रिल मशीन के सहारे बीस सेकेंड में लॉक खोलकर गाड़ी चोर कर ले जाते थे। 
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