मस्जिद में विस्फोट
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दरअसल, पुलिस को शक है कि नौ नवंबर को अयोध्या मसले पर आए सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद क्षेत्र का सौहार्द बिगाड़ने के लिए इस विस्फोटक का प्रयोग किया गया है। एटीएस टीम इन्हीं बिंदुओं की जांच करने मस्जिद पहुंची और कांच के टुकड़ों से विस्फोटक की तीव्रता और मात्रा का अनुमान लगाया। विस्फोटक की गंध को समझने की कोशिश की। यह भी जांच की जा रही है कि तीन वर्ष से गांव में रह रहे मौलवी की पश्चिम बंगाल में किस प्रकार की गतिविधियां थीं। इस मामले में मुख्य आरोपी हाजी कुतुबुद्दीन अपने गांव में भी बीते वर्षों में हुईं कई घटनाओं में जिम्मेदार ठहराए जा चुके हैं, साथ ही जेल की सजा भी काट चुके हैं। विभिन्न वजहों से उसके अलीगढ़, मऊ, हैदराबाद से जुड़े होने से पूरा मामला बेहद संवेदनशील होता जा रहा है।