संतकबीरनगर से सांसद शरद त्रिपाठी और मेंहदावल के विधायक राकेश सिंह बघेल के बीच मारपीट का संज्ञान भाजपा आलाकमान ने लिया है। हालांकि ऐसा अचानक नहीं हुआ। संतकबीरनगर जिले के भाजपा नेताओं में अंतर्कलह पहले कई महीने से चल रही थी। तीन महीने में पार्टी के किसी भी बड़े कार्यक्रम में सांसद और तीनों विधायक एक साथ नजर नहीं आए। कमल संदेश रैली में भी सभी पहुंचे जरूर, लेकिन रैली अलग-अलग निकाली थी।
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sharad tripathi
खलीलाबाद लोस सीट के अलावा जिले की तीनों विधानसभा सीटों मेंहदावल, खलीलाबाद और धनघटा पर भाजपा का कब्जा है। मेंहदावल के विधायक राकेश सिंह बघेल हियुवा से जुड़े रहे हैं और सीएम योगी के प्रबल समर्थक होने के चलते ही उन्हें विस चुनाव में टिकट मिला था। सांसद और विधायकों के बीच का गतिरोध पहले भी सार्वजनिक होता रहा है। इसी हफ्ते जब खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन का शिलान्यास किया गया तब भी मतभेद सामने आए थे।
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लोकसभा चुनाव से ठीक पहले हर जिले में भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में बूथ सम्मेलन कराया गया था। जिले का सम्मेलन खलीलाबाद शहर के एचआपीजी कॉलेज में हुआ था। कार्यक्रम के दौरान ही कुछ लोगों ने सांसद पर क्षेत्र में कम समय देने और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जमकर नारेबाजी की थी। हालांकि, उस कार्यक्रम में मीडिया को प्रवेश नहीं दिया गया था। बावजूद इसके नारेबाजी का वीडियो वॉयरल हुआ था।
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बीजेपी विधायक और सांसद में बहस
- फोटो : अमर उजाला
इस वजह से सांसद, विधायक के बीच मारपीट का मामला भाजपा गोरखपुर क्षेत्र, जिला और महानगर इकाई में चर्चा का विषय रहा। संतकबीरनगर भाजपा गोरखपुर क्षेत्र का हिस्सा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सांसद, विधायक के बीच मारपीट ने सबको असहज कर दिया है। पार्टी आलाकमान को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी गई है। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले इस तरह की अनुशासनहीनता पार्टी की साख खराब करेगी।
केंद्रीय नेतृत्व को भेजेंगे रिपोर्ट : जिलाध्यक्ष
भाजपा जिलाध्यक्ष सेतवान राय का कहना है कि जब भी इस तरह कि घटनाएं हुई हैं तो उन्होंने तुरंत केंद्रीय नेतृत्व को अवगत कराया है। जनप्रतिनिधियों का आचरण भाजपा की कार्य संस्कृति के अनुरूप नहीं है। लोकसभा चुनाव से पहले हुई इस तरह की शर्मनाक घटना से कार्यकर्ता बेहद दुखी हैं। पार्टी सूत्रों का कहना है कि सांसद, विधायक को नोटिस देकर जवाब तलब किया जाएगा, फिर निलंबन की कार्रवाई होगी।