Ganga Expressway Route Details: पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे आज से आम जनता के लिए खुलेगा। मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पश्चिम को पूर्वांचल से जोड़ेगा। आइए जानते हैं गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ी खासियतें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। मेरठ से प्रयागराज तक फैला यह मेगा कॉरिडोर न केवल यात्रा को रफ्तार देगा बल्कि उद्योग, लॉजिस्टिक्स और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी तेजी देगा।
ये परियोजना पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को जोड़ते हुए विकास को नई रफ्तार देगी। इससे लॉजिस्टिक्स कॉस्ट में कमी आएगी, उद्योगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और निवेश के नाए अवसर बनेंगे। वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों की इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच भी आसान हो जाएगी।
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Ganga Expressway
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रयागराज तक सात घंटे में पूरा होगा सफर
पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे आज से आम जनता के लिए खुलेगा। मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पश्चिम को पूर्वांचल से जोड़ेगा। अभी प्रयागराज तक पहुंचने में 12 से 13 घंटे लगते हैं। इस एक्सप्रेसवे के बाद छह-सात घंटे में सफर पूरा होगा। यह एक्सप्रेसवे न केवल प्रदेश के विकास के रोडमैप को नई गति देगा बल्कि, विकास को भी नई दिशा प्रदान करेगा।
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Ganga Expressway
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से क्षेत्र में औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी। इससे रोजगार के अवसर खुलेंगे और जिले की प्रति व्यक्ति आय बढ़ेगी। निवेश के अवसर बढ़ेंगे तो स्थानीय स्तर पर विकास तेजी से होगा। बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बहादुरगढ़ में 300 एकड़ में औद्योगिक गलियारा विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है।
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Ganga Expressway
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दोपहिया और तिपहिया को भी प्रति किमी देना होगा 1.28 रुपये का टोल
बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे के लिए टोल दरें तय कर दी गई हैं। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से जारी नई दरें 2026-27 के लिए लागू होगी। प्रति किमी के आधार पर निर्धारित दरें दिसंबर 2025 के थोक मूल्य सूचकांक को आधार बनाकर तय की गई हैं।
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ganga expressway
- फोटो : संवाद
दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर चालकों को प्रति किलोमीटर 1.28 रुपये का टोल देना होगा। वहीं कार, जीप, वैन और हल्के मोटर वाहन के लिए 2.55 रुपये रखी गई हैं। हल्के वाणिज्यिक वाहन, लाइट गुड्स वीकल या मिनीबस के लिए 4.05 रुपये प्रति किमी निर्धारित हैं।
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गंगा एक्सप्रेसवे
- फोटो : संवाद
बस व एक जैसे भारी वाहनों के लिए 8.20 रुपये, भारी निर्माण मशीनरी, अर्थ मूविंग इक्विपमेंट और तीन से छह एक्स्सल वाले मल्टी एक्सल वाहनों के लिए 12.60 रुपये प्रति किमी शुल्क देना होगा। सात या उससे अधिक एक्सल वाले ओवरसाइजड वाहनों के लिए सबसे अधिक 16.10 रुपये टोल निर्धारित है।
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गंगा एक्सप्रेसवे
- फोटो : संवाद
वाहन का प्रकार
दरें रुपये में
दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर
1.28 रुपये
कार, जीप, वैन या हल्के वाहन
2.55 रुपये
मिनी बस
4.05
बस, ट्रक व अन्य भारी वाहन
8.15
भारी मशीनरी
12.55
सात एक्सल वाले भारी वाहन
16.05
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गंगा एक्सप्रेस वे
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
518 गांव के करीब 5700 युवाओं को काम
एक्सप्रेस-वे के किनारे बसे गांवों में इस प्रोजेक्ट का असर दिखता है। एक्सप्रेस तैयार करने वाली कंपनी के मुताबिक 518 गांवों के करीब 5700 युवाओं को रोजगार दिया है। इसमें से लगभग 1200 लोग टोल ऑपरेशन में हैं। 2500 लोग श्रम आधारित काम में हैं और 2000 लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
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गंगा एक्सप्रेस वे
- फोटो : अमर उजाला
इंतजाम
इमरजेंसी कॉल बॉक्स
24×7 एम्बुलेंस और पेट्रोलिंग
फॉग वार्निंग सिस्टम
पूरी लंबाई में पेंसिंगइन सबके साथ इसे 'हाई सेफ्टी कॉरिडोर' बनाने की कोशिश है।
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गंगा एक्सप्रेस-वे पर घटपुरी के पास बना इंटरचेंज।
- फोटो : संवाद
गांवों और किसानों की तरक्की
बेहतर कनेक्टिविटी के अभाव में पिछड़े गांवों पर सबसे ज्यादा असर होगा। ये बड़े शहरों और बाजारों से जुड़ जाएंगे। इससे किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी।
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गंगा एक्सप्रेस-वे पर घटपुरी के पास बना इंटरचेंज। संवाद
ये भी खूबियां
हरित पटूटी बनाने के लिए एक्सप्रेसवे के दोनों तरफा पेड़ लगाए जा रहे हैं।
रेन वाटर हार्वेस्टिंग, आधुनिक डेमेज सिस्टम व सोलर एनर्जी आधारित सुविधाएं
आपातकालीन सेवाएं, एम्बुलेंस, ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम और सीसीटीवी निगरानी जैसी आधुनिक सुविधाएं भी होंगी।
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गंगा एक्सप्रेस-वे पर घटपुरी के पास बना इंटरचेंज।
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यह भी महत्वपूर्ण
एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर की रफ्तार से वाहन भरेंगे फर्राटा।
जिले के 29 गांवों से होकर गुजर रहा एक्सप्रेसवे।
दिल्ली, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर के वासी भी एनएच-09 के जरिए एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकते हैं।
भविष्य में हरिद्वार तक जाएगा एक्सप्रेसवे
यह एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज तक बनाया गया है। भविष्य में इसे मेरठ से हरिद्वार तक बनाया जाएगा। इसके लिए प्रदेश सरकार बजट में भी घोषणा कर चुकी है।