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सबसे बड़ा सवाल: चित्रकूट जेल में अंशुल के पास कैसे पहुंची पिस्टल और गोलियां, अब सामने आया मुख्तार कनेक्शन

Fri, 14 May 2021 03:10 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
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बाहुबली मुख्तार अंसारी, शॉर्प शूटर अंशुल दीक्षित (मृतक) - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश की चित्रकूट जिला जेल रगौली में कुख्यात अपराधियों मेराजुद्दीन और मुकीम उर्फ काला को गोली मारने के लिए तीसरे बंदी अंशुल दीक्षित के पास पिस्टल कहां से आई यह जेल की सुरक्षा को लेकर सबसे बड़ा सवाल सामने आ रहा है। इस मामले में जिला और मंडल के अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। चित्रकूट धाम मंडल के आईजी के सत्यनारायण और चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने बताया कि अपराधी अंशुल दीक्षित के पास पिस्टल और गोलियां कैसे पहुंची इसकी जानकारी की जा रही है।
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चित्रकूट जिला जेल में चप्पे चप्पे पर तैनात है पुलिस - फोटो : amar ujala
पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। गोलीबारी में मारे गए मुकीम काला और मेराजुद्दीन शातिर अपराधी थे। उन पर गोली चलाने वाला अंशुल दीक्षित भी नामी अपराधी था। गोली चलने की सूचना पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई थी। पिस्टल लेकर पांच बंदियों को अपने घेरे में रखकर धमकी दे रहे अंशुल दीक्षित को आत्मसमर्पण के लिए पुलिस ने कहा, लेकिन वह नहीं माना और पुलिस टीम पर भी फायरिंग की। 
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कुछ ऐसा है चित्रकूट जेल के बाहर का नजारा - फोटो : amar ujala
इसके बाद पुलिस टीम की ओर से भी ताबड़तोड़ गोलियां चलीं। जिसमें अंशुल दीक्षित की मौत हो गई। इस हत्याकांड में मारे गए अपराधी मेराजुद्दीन का बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी से भी नजदीकी संबंध हैं। पूरे मामले को लेकर जिला प्रशासन ने उच्चस्तरीय जांच कमेटी गठित की है। बता दें कि मेराजुद्दीन को मार्च 2021 में वाराणसी जेल से चित्रकूट जेल भेजा गया था।

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घटना के बारे में जानकारी देते एसपी अंकित मित्तल - फोटो : amar ujala
मुकीम उर्फ काला को 7 मई 2021 को चित्रकूट जेल भेजा गया था। जबकि इसके पूर्व अंशुल दीक्षित को दिसंबर 2019 में ही चित्रकूट की जेल में रखा गया था। इस सनसनीखेज वारदात से बागपत जिले में 9 जुलाई 2018 को पूर्वांचल के डॉन मुन्ना बजरंगी की गोलियों से भूनकर हत्या के मामले की याद दिला दी है। उस घटना में भी जेल के अंदर कुछ इसी तरह ताबड़तोड़ गोलियां चली थीं।
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खूनी संघर्ष में मारा गया मुकीम काला - फोटो : amar ujala
जिसमें मुन्ना बजरंगी की मौत हो गई थी। कोरोना महामारी के चलते इन दिनों चित्रकूट जेल में कैदियों से मिलाई तक बंद है, सिर्फ टेलीफोन से ही बातचीत कराई जाती है। ऐसे में यह सबसे गंभीर सवाल है कि जेल के अंदर पिस्टल कैसे पहुंच गई। 
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