Chandauli News: पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हत्यारोपी विवेक सिंह पर पहले से गाजीपुर में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज है। वह पहले भी जेल जा चुका है। गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
संपत्ति के लालच में बड़े भाई ने ही सोते समय छोटे भाई के सिर में गोली मार कर हत्या की थी। कंदवा थाना के जलालपुर गांव में दो दिन पहले हुई युवक की हत्याकांड का खुलासा पुलिस लाइन में एसपी आदित्य लांग्हे ने किया।
एसपी आदित्य लांग्हे ने मामले का खुलासा करते हुए कहा कि 5 मार्च को सूचना मिली कि बदमाशों ने जलालपुर गांव में फार्म हाउस पर सोए विशाल सिंह (27) की गोली मार कर हत्या कर दी है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच जांच पड़ताल में जुट गई। मृतक के बड़े भाई विवेक सिंह ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी थी।
विज्ञापन
2 of 9
विशाल सिंह की हत्या।
- फोटो : संवाद
पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए कंदवा थानाध्यक्ष राजीव मल्ल और एसओजी प्रभारी निरीक्षक राम जनम यादव के नेतृत्व में पुलिस, सर्विलांस और स्वाट टीम को भी लगाया गया। जांच करने पर पता चला कि बड़े विवेक ने ही छोटे भाई विशाल की हत्या की थी।
विज्ञापन
3 of 9
तालाब में मिली पिस्टल।
- फोटो : संवाद
एसपी ने बताया कि विवेक और विशाल दो भाई थे। कुछ समय पहले विवेक हत्या के मामले में जेल गया था। जेल से वापस आने के बाद घर में उसकी उपेक्षा होने लगी। घर में उससे राय भी नहीं ली जाती थी। चार माह पहले घर की एक जमीन 75 लाख रुपये में बेचे जाने के बाद जो पैसे मिले, उसमें विवेक को भी हिस्सेदारी मिली थी। उसने पूरा खर्च कर लिया। इसके बाद आवश्यकता पर छोटे भाई से पैसे मांगता।
इस पर छोटा भाई विशाल उसकी बेइज्जती करता था। इससे आहत होकर विवेक ने छोटे भाई विशाल के हत्या की योजना बनाई। 5 मार्च को विवेक ने खूब शराब पी थी। यह देख कर विशाल ने विवेक की नौकरों के सामने खूब बेइज्जती की। इससे क्षुब्ध होकर विवेक ने बरामदे में चौकी पर सो रहे विशाल के सिर में गोली मार कर हत्या कर दी।
घटना के बाद विवेक ने सीसीटीवी के डीवीआर और पिस्टल को घर के अंदर भूसे में छिपा दिया। बाद में अगले दिन सुबह पिस्टल और डीवीआर नहर के किनारे तालाब में फेंक दिया। पुलिस ने पिस्टल और डीवीआर बरामद कर ली और हत्यारोपी का चालान कर आगे की कार्रवाई में जुटी है।
4 of 9
माैके पर छानबीन करती टीम।
- फोटो : संवाद
पहले दिन से ही बड़े भाई पर हो गया था शक
जलालपुर गांव में फार्म हाउस पर सोए विशाल सिंह की गोली मार कर हत्या की घटना के बाद पहुंची पुलिस को शुरुआत में ही बड़े भाई पर शक हो गया था। बडे विवेक ने ही 112 नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचित किया था। उसने बताया कि गोली मारने वाले बदमाश सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर बाक्स को भी साथ ले गए हैं। बड़ी बात यह थी कि सीसीटीवी का डीवीआर उसी कमरे में था, जहां विवेक सोया हुआ था।
विज्ञापन
5 of 9
युवक की माैत के बाद विलाप करतीं महिलाएं।
- फोटो : संवाद
विवेक ने अज्ञात लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी जबकि हत्या की घटना के बाद उसने गांव के पांच लोगों पर शक जता रहा था। वहीं घर के नौकरों के बयान में भी बार बार बदलाव दिख रहा था। घर से कुछ दूरी पर मंदिर है। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में घटना के बाद कोई भागता हुआ कैद नहीं हुआ था। वहीं भोर में विवेक और उसके नौकर को साथ जाते तस्वीर कैद हुई थी। इसी वजह से मामला साफ हुआ और मामले का खुलासा हुआ।
विज्ञापन
6 of 9
भाई ने ली भाई की जान।
- फोटो : संवाद
जांच में सामने आए अहम सुराग
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने स्वाट टीम, सर्विलांस और डॉग स्क्वायड की मदद ली। इसी दौरान फार्म हाउस में लगे सीसीटीवी का डीवीआर गायब मिला और विवेक सिंह की हाफ पैंट से एक कारतूस का खोखा भी बरामद हुआ। इन सुरागों के आधार पर पुलिस का शक विवेक सिंह पर गहरा गया।
विज्ञापन
7 of 9
भीड़ में तरह-तरह की थी चर्चाएं।
- फोटो : संवाद
कड़ी पूछताछ में विवेक सिंह ज्यादा देर तक पुलिस को गुमराह नहीं कर सका और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर फार्म हाउस के पास स्थित एक तालाब से हत्या में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर ली गई।
8 of 9
बेटे की लाश देख बिलख पड़ी मां।
- फोटो : संवाद
जिले में पहली बार डॉग स्क्वायड की मदद से खुलासा
सदर सीओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि इस हत्याकांड के खुलासे में डॉग स्क्वायड टीम की भूमिका काफी सराहनीय रही। टीम में शामिल “खुशी” नाम की कुतिया ने महत्वपूर्ण सुराग जुटाने में मदद की। यह जिले का पहला मामला है, जिसमें डॉग स्क्वायड की मदद से हत्या का सफल खुलासा हो सका।
युवक की माैत के बाद विलाप करतीं महिलाएं।
- फोटो : संवाद
जेल से एक महीने पहले ही छूटकर आया था विवेक
जांच में यह भी सामने आया कि विवेक सिंह का गाजीपुर के जमानिया थाना क्षेत्र के देवढ़ी गांव की एक महिला के साथ अवैध संबंध था। 2025 में महिला के एक रिश्तेदार के हत्या मामले में विवेक जेल जा चुका था। एक महीने पहले ही वह छह महीने की सजा काटकर जमानत पर घर आया था। जमानत छोटे भाई विशाल सिंह ने ही कराई थी। सूत्रों की माने तो जमानत में कुल 80 लाख रुपये खर्च हुए थे।