बदायूं जिले के बाढ़ की दृष्टिगत अति संवेदनशील उसहैत क्षेत्र के गांव कदम नगला में गंगा नदी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से शनिवार को तेज लहरों ने मिट्टी कटान तेज कर दिया। कटान होने से नदी गांव की ओर बढ़ रही है।
बदायूं जिले के उसहैत क्षेत्र में गंगा नदी का कहर जारी है। शनिवार को गंगा का जलस्तर बढ़ने से कदम नगला गांव में तेज कटान हो गया। इस कटान से गांव का ट्रांसफार्मर, दो खंभे और एक प्राथमिक विद्यालय की दीवार नदी में समा गई। नरौरा बैराज से 1.72 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई है। इलाके में बाढ़ के खतरे से ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ गई है। कदम नगला के साथ-साथ रैपुरा और सिथौली खाम गांवों में भी भू-कटान तेज हो गया है। गंगा नदी लगातार गांव की ओर बढ़ रही है, जिससे कई किसानों की जमीनें भी नदी में समा चुकी हैं।
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नदी किनारे खड़े ग्रामीण
- फोटो : संवाद
कदमनगला के ग्राम प्रधान राकेश कश्यप ने बताया कि आठ दिन पहले पूर्व माध्यमिक विद्यालय को दूसरी जगह स्थानांतरित किया गया था। इस विद्यालय में लगभग 80 बच्चे पढ़ते थे, जो अब प्राथमिक विद्यालय दलनगला में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। शनिवार को गांव का प्राथमिक विद्यालय भी गंगा में समाहित हो गया। गांव में पहले करीब 90 परिवार रहते थे, जिनमें से 70 परिवारों को नए गांव बल्ले नगला में भेजा जा चुका है। अभी भी लगभग 25 परिवारों पर गंगा के कटान का खतरा मंडरा रहा है।
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गंगा नदी की जद में आई दीवार
- फोटो : संवाद
मदद न मिलने पर ग्रामीणों में रोष
ग्रामीणों ने बताया कि राजस्व और बाढ़ खंड के अधिकारी गांव का दौरा करने आए थे। हालांकि, उनके द्वारा किसी प्रकार की कोई राहत नहीं दी गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव को कटने से बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। किसी भी जनप्रतिनिधि ने अब तक गांव का दौरा नहीं किया है।
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नदी में समाई स्कूल की दीवार
- फोटो : संवाद
गंगा का बढ़ता जलस्तर और चेतावनी
नरौरा से शनिवार सुबह 1,72,228 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इसके देर शाम तक बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचने की आशंका है। कछला पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 0.14 सेंटीमीटर नीचे चल रहा है। आशंका है कि यह देर शाम तक खतरे के निशान को पार कर जाएगा। अटैना क्षेत्र के आसपास के गांवों की सड़कों पर भी पानी भरने की संभावना है।
किसानों की जमीनें नदी में समाईं
गंगा के कटान से कई किसानों को भारी नुकसान हुआ है। कदम नगला के रविपाल की चार बीघा जमीन नदी में कट चुकी है। रामलाल की छह बीघा, मुन्नालाल की पांच बीघा और मोरपाल की पांच बीघा जमीन भी गंगा में समा गई है। नेकसू, बृजपाल और रक्षपाल की भी पांच-पांच बीघा जमीन का नुकसान हुआ है। महावीर की छह बीघा और छविराम की नौ बीघा जमीन भी नदी में कट गई है। लगातार हो रहे इस कटान से ग्रामीण बेहद चिंतित हैं और बाढ़ का खतरा भी बढ़ रहा है।