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एक साथ उठीं चार अर्थी: काली प्लास्टिक में लिपटी लाशों को देख मच गई चीत्कार, इस हादसे से हिल गया पूरा गांव

Fri, 11 Jul 2025 06:48 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

हादसे में जान गंवाने वाले सोमपाल को छोड़कर अतर सिंह, बच्चू सिंह व संजय के बच्चे छोटे हैं। इनकी मौत से बच्चों की परवारिश का संकट खड़ा हो गया है। सोमपाल की चिता को उनके बेटे बाबूलाल ने मुखाग्नि दी। 
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दो बाइक की भिड़ंत में चार की मौत - फोटो : अमर उजाला
दर्दनाक हादसे में एक ही बिरादरी के चार लोगों की मौत से बदायूं स्थित करखेड़ी गांव में मातम पसर हुआ है। शुक्रवार सुबह एक साथ कंधे पर चार अर्थियां उठीं तो हर किसी की आंख नम हो गई। शव यात्रा में आस-पास के गावों के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। घरों में चूल्हे तक नहीं जले हैं। परिजनों ने गमगीन माहौल में गांव की श्मशान भूमि में एक साथ चारों शवों का दाह संस्कार किया गया।
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मृतकों के फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
दो बाइकों की भिड़ंत में हुई थी मौत
वजीरगंज थानाक्षेत्र में गांव अलउआ के पास बगरैन-करखेड़ी मार्ग पर गुरुवार देर शाम दो बाइकों की जोरदार भिड़ंत हो गई थी। जिसमें बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव करखेड़ी निवासी अतर सिंह (40) पुत्र विजेंद्र मीणा, उनके रिश्ते के बाबा बच्चू सिंह (60) और दूसरी बाइक पर सवार संजय (28) पुत्र बच्चू व सोमपाल सिंह (55) पुत्र जागन सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि अशोक (28) पुत्र भेदेव गंभीर रुप से घायल हो गए थे। देर रात ही पुलिस ने चारों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया। शुक्रवार तड़के चारों शव गांव पहुंचे। इससे पहले ही अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी की जा चुकी थी। 
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मृतकों के शोकाकुल परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
काली प्लास्टिक में लिपटे आए चारों शव
रिश्तेदार व ग्रामीण तैयारियों में जुटे हुए थे। काली प्लास्टिक में लिपटे चारों शव देखते ही परिजनों में चीत्कार मच गई। परिजन अपने-अपने के शव से लिपटकर रोने बिलखने लगे। महिलाएं दहाड़े मारकर बेसुध होने लगी। 

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शोकाकुल ग्रामीण, मृतक संजय का फाइल फोटो - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रामीण नहीं रोक पाए आंसू
सुबह करीब नौ बजे एक साथ उठीं चार अर्थियों को देख ग्रामीण अपने आंसू नहीं रोक पाए। शव यात्रा में आस-पास के गांवों के लोग भारी संख्या में पहुंचे। गांव के ही श्मशान भूमि पर एक साथ चारों शवों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। 
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नेताओं ने घर पहुंचकर जताया शोक
इस हादसे से पूरे गांव मातम पसरा हुआ है। घरों में विलाप की चीखें गूंज रही है। परिजनों को ढांढस बांधने वालों का तांता जुटा हुआ है। क्षेत्र के नेताओं ने घर पहुंचकर परिवार को शोक संवेदना व्यक्त की हैं।
 
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चारों मृतक - फोटो : अमर उजाला
किसी के बेटे तो किसी के भतीजे ने दी चिता को मुखाग्नि
हादसे में जान गंवाने वाले सोमपाल को छोड़कर अतर सिंह, बच्चू सिंह व संजय के बच्चे छोटे हैं। इनकी मौत से बच्चों की परवारिश का संकट खड़ा हो गया है। सोमपाल की चिता को उनके बेटे बाबूलाल ने मुखाग्नि दी। जबकि बच्चू का बेटा छोटा होने के कारण उनकी चिता को भतीजे बृजेश ने मुखाग्नि दी।
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