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बुझ गए कई परिवारों के चिराग: चंद मिनटों में चार दोस्तों की मौत, पांचवां लड़ रहा मौत से जंग, देखिए तस्वीरें

Fri, 15 Oct 2021 07:30 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
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हादसे में मौत। - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक दर्दनाक हादसा हुआ। हादसे के दौरान चंद मिनटों में ही चार दोस्तों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं कार में सवार दो किशोरों ने तुरंत ही बाहर निकल खुद की जान बचा ली। शादी में शामिल होकर लौट रहे कार सवार युवक रास्ता भटक गए थे, जिनकी कार अचानक तालाब में पलट गई। मृतकों के परिवार वालों में कोहराम मचा हुआ है। 

चांदपुर के गांव शेरपुर से एक बरात थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव अलीपुर मान उर्फ खेड़ा में आई थी। गुरुवार रात करीब 11 बजे बरात में आए कार सवार युवक शादी समारोह से लौटने लगे। गांव से बाहर निकलते ही युवक रास्ता भटक गए। संपर्क मार्ग पर आने के बजाए चकरोड से होते हुए तालाब किनारे पहुंच गए। अचानक कार तालाब में पलटकर पानी में समा गई। हादसे में अक्षय पुत्र जय सिंह (20) निवासी चंदक थाना मंडावर, विशाल पुत्र पप्पू (21), रजत पुत्र भगीरथ (20) निवासी ग्राम रोशनपुर प्रताप, प्रशांत पुत्र रणधीर (22) निवासी तकीपुर थाना कोतवाली देहात की मौत हो गई, जबकि कार चालक दीपक पुत्र भूपेंद्र (21) निवासी हीरा खेमपुर थाना कोतवाली देहात की डूबने की वजह से हालत नाजुक बनी हुई है, जिसे बिजनौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार शाम के समय चिकित्सकों ने गंभीर हालत देखते हुए उसे रेफर कर दिया। 
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अस्पताल पहुंचे परिजन। - फोटो : amar ujala
बता दें कि कार में पांच दोस्तों के अलावा दो अन्य किशोर भी थे। हादसे के दौरान समय रहते कार से बाहर निकलने की वजह से उनकी जान बच गई। पुलिस ने चारों युवकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने उनका अंतिम संस्कार कर दिया।
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विलाप करते परिजन। - फोटो : amar ujala
चार दोस्तों की जिंदगी पर भारी पड़ा एक गलत मोड़
चार यारों को राह का एक गलत मोड़ मौत के सफर तक ले गया। रास्ता भटके तो मौत के तालाब में जा डूबे। दरअसल दायीं तरफ मुड़ने के बजाए बायीं ओर मुड़ते ही कार आगे बढ़ा दी। जो तालाब में जा गिरी। अगर गांव के बाहर निकलने के सही रास्ते का आभास रहा होता तो शायद चारों दोस्तों की जान बच जाती और पांचवां भी जिंदगी और मौत से न जूझ रहा होता। 

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अस्पताल पहुंचे परिजन। - फोटो : amar ujala
गांव ताकीपुर देगा के रहने वाले प्रशांत के ममेरे भाई की बरात अलीपुर मान उर्फ खेड़ा में आई थी। प्रशांत ने अकेले जाने के बजाए अपने दोस्त दीपक, विशाल, अक्षय और रजत को भी साथ ले लिया। पांचों बाइक से खेड़ा के लिए निकले थे। उन्होंने बाइक से खेड़ा जाने के बजाए पास के ही गांव रहमापुर से रिश्तेदार की कार ली। कार लेते वक्त रहमापुर अपने मामा के यहां ठहरे निखिल और अभिजित को भी साथ ले लिया। अब सातों कार से खेड़ा पहुंच गए, जहां खाना खाने के बाद निखिल और अभिजीत को रहमापुर छोड़ने के लिए खेड़ा से निकल पड़े। गांव से बाहर आते ही रास्तों के मोड़ में उलझ गए।
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मृतक विशाल पुत्र स्वगीय राजेद्र - फोटो : amar ujala
बताया गया कि कार दीपक चला रहा था, गांव से बाहर निकलते ही बायीं तरफ मुड़ गए, जबकि दायीं तरफ मुड़ना था। दायीं तरफ मुड़ते तो संपर्क मार्ग पर आ जाते, लेकिन गलत मोड़ ने चकरोड पर ला दिया। चकरोड आगे तालाब में जाकर बंद हो रही थी। रास्ता बंद होने से 20 मीटर पहले ही इनकी कार अचानक तालाब में पलट गई। चकरोड भी तंग थी, जिसमें कार को घुमाने की जगह भी नहीं थी। अगर चकरोड के रास्ते तालाब की तरफ नहीं जाते तो शायद जान बच सकती थी। हादसे में अक्षय, विशाल, रजत और प्रशांत की जान चली गई, जबकि पांचवां दोस्त दीपक अस्पताल में मौत से लड़ रहा है।
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