Bijnor News: तालिब व उनके भाइयों पर कार्रवाई के विरोध में सपा खुलकर सामने आ गई है। नूरपूर से सपा विधायक रामौतार सैनी, तालिब व उसके भाइयों से मिले। मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा ने भी कार्रवाई के विरोध में बयान जारी किया।
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तालिब की आरा मशीन पर कार्रवाई के दौरान पहुंचे भारतेंद्र सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
वन विभाग की ओर से लगाई गई सील को तोड़कर तालिब और उसके भाई आरा मशीन चलाते रहे लेकिन जिम्मेदार अफसरों के कानों तक इसकी आवाज नहीं पहुंच सकी और न ही उनकी आंखें इसे देख पाईं। एक-एक लकड़ी का हिसाब-किताब रखने वाला वन विभाग भी इससे अनजान रहा। पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह के समर्थकों ने ड्रोन से वीडियो बनाकर आरा मशीन संचालन की पोल खोल कर रख दी। मामले ने अब राजनैतिक तूल पकड़ लिया है। सपा नेता खुलकर तालिब व उनके भाइयों के पक्ष में आ गए हैं।
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कार्रवाई के दौरान मौजूद पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा के पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पर तालिब और उसके भाइयों के हमले को लेकर मामला गरमाया हुआ है। आसपास के जिलों से भी नेता पूर्व सांसद का हाल जानने के लिए पहुंच रहे हैं। बुधवार की शाम भी जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह और ब्लॉक प्रमुख समेत अन्य नेता भारतेंद्र सिंह के पास पहुंचे थे। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले में खूब टिप्पणी कर रहे हैं।
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सील के बाद भी चलती आरा मशीन की ड्रोन फुटेज।
- फोटो : अमर उजाला
वहीं नूरपुर से सपा विधायक रामौतार सैनी शहर कोतवाली की हवालात में बंद तालिब व उसके भाइयों से मिले। इसके बाद एसडीएम और डीएम से मुलाकात की। सपा नेता डॉ. रमेश तोमर और अन्य पदाधिकारियों ने डीएम से मुलाकात की और एकपक्षीय कार्रवाई का आरोप लगाया। मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा ने भी उनके समर्थन में बयान जारी किया।
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भारतेंद्र सिंह की गाड़ी के आगे लेटते आरा मशीन संचालक।
- फोटो : अमर उजाला
सपा नेता राहुल चौधरी ने कहा कि कई महीनों से चल रहे प्रकरण में पुलिस प्रशासन कार्रवाई कर रहा है, कई बार तालिब व उनके भाई जेल गए हैं। इसके बाद भी किसी जनप्रतिनिधि को किसी की प्रॉपर्टी पर जाना शोभा नहीं देता। इससे जनता को निष्पक्ष न्याय की उम्मीद कैसे होगी? प्रकरण को लेकर भाजपा और सपा नेता आमने-सामने आने के कारण मामला राजनैतिक रूप से तूल पकड़ चुका है।
आरा मशीन संचालन में दोष निर्धारण में लगे अफसर
तालिब बंधुओं की आरा मशीन चलने के मामले में प्रशासन और वन विभाग इसके लिए दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को चिन्हित करने में लग गया है। एडीएम न्यायिक ने आरा मशीन से संबंधित रिपोर्ट डीएम को सौंपी थी। इसके बाद डीएम ने एडीएम न्यायिक और डीएफओ को आरा मशीन चलाने के मामले में दोष निर्धारण करने के निर्देश दिए हैं।