विलाप करते परिजन।
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परिजनों के मुताबिक, सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक काम करना होता था। काफी समय से ये लोग फैक्टरी में काम कर रहे थे। यहां पर मजदूर अक्सर बदल जाते थे। मृतक प्रदीप एक माह से फैक्टरी में काम कर रहा था। शानू कुमार दो माह पहले, चिंटू तीन दिन पहले आया था। प्रदीप व चिंटू काम करने वालों मे सबसे छोटे थे।