बिजनौर में खो-खो की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी रेलवे के मजदूर शहजाद को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। बिटिया के मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर गांव आदमपुर में मिली थी, इसके बाद मोबाइल फोन बंद कर दिया गया।
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर इस मामले में गांव के एक नशेड़ी युवक शहजाद को उठाया था। पुलिस जांच में उसके शरीर पर नाखून के निशान भी मिले। आरोपी शहजाद मालगाड़ी से सामान उतारने की मजदूरी करता है। आशंका जताई जा रही थी कि युवक बिटिया की हत्या से जुड़ा हो सकता है। उससे पूछताछ की गई तो उसने इस पूरी वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली।
इससे पहले बिटिया की हत्या का एक ऑडियो पुलिस को मिला था, जिसमें बिटिया ही संघर्ष करती और खुद के घुट रहे दम के कारण मैं मर जाऊंगी बोल रही थी। करीब एक मिनट 41 सेकेंड के इस ऑडियो में बिटिया का हत्यारा एक बार भी नहीं बोला, केवल युवती के रोने, चिल्लाने और गिड़गिड़ाने की आवाज सुनाई दे रही थी। जिस दिन खो-खो की राष्ट्रीय खिलाड़ी की हत्या हुई, मोबाइल पर बात करते हुए उसकी एक ऑडियो सामने आई थी। पुलिस इस ऑडियो की जांच में जुटी रही, तमाम विशेषज्ञों ने इस ऑडियो की जांच की। पहले कुछ शब्द बोले जाने की चर्चा जरूर थी, लेकिन इस पूरी ऑडियो में मैं मर जाऊंगी के अलावा केवल एक शब्द बोला गया है, तो स्पष्ट नहीं था।