बरेली में आजम खां के करीबी सपा नेता सरफराज वली खान और राशिद खां को राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों के बरातघरों के ध्वस्तीकरण पर रोक लगा दी। बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश मिलते ही बीडीए की टीम ने कार्रवाई रोक दी।
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सुप्रीम कोर्ट ने ध्वस्तीकरण पर लगाई रोक
- फोटो : अमर उजाला
बरेली के सूफी टोला स्थित सपा नेता सरफराज वली खान और राशिद खां के ऐवान-ए-फरहत और गुड मैरिज हॉल पर लगातार तीसरे दिन बृहस्पतिवार की सुबह 11:30 बजे बीडीए के दो बुलडोजर ने प्रहार करना शुरू किया। उसी दौरान बीडीए के संयुक्त सचिव दीपक कुमार के मोबाइल फोन की घंटी बजी।
दूसरी ओर से बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने कार्रवाई रोकने और मौके से बुलडोजर व पोकलेन लेकर वापस लौटने के लिए कहा। इस पर संयुक्त सचिव ने अन्य अधिकारियों को उपाध्यक्ष के संदेश को बताया और फिर सभी वापस लौट गए। दो दिन हुई कार्रवाई में दोनों मैरिज हॉल का लगभग 30-30 प्रतिशत हिस्सा ध्वस्त किया जा गया है। कार्रवाई रुकने के बाद सरफराज व राशिद और उनके परिजनों ने राहत की सांस ली।
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दो दिन बाद रुकी कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला
सूफी टोला स्थित सपा नेता सरफराज वली खान और राशिद खां के मैरिज हॉल पर दो दिन से चल रही बुलडोजर की कार्रवाई पर बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। आदेश के बाद बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) के अफसर बुलडोजर और एक पोकलेन लेकर दोपहर वापस लौट गए।
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सुप्रीम कोर्ट का आदेश लेकर पहुंचे एडवोकेट वैभव माथुर
- फोटो : अमर उजाला
10 दिसंबर तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश
सरफराज के अधिवक्ता वैभव माथुर ने बताया कि फरहत जहां एवं अन्य बनाम उप्र राज्य एवं अन्य के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की खंडपीठ ने की। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता संविधान के अनुच्छेद-226 के तहत हाईकोर्ट जाएं। एक हफ्ते यानी 10 दिसंबर तक याचिकाकर्ताओं को अंतरिम प्रोटेक्शन दिया जा रहा है। तब तक दोनों पार्टी यथास्थिति बनाए रखेंगे।
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सपा नेता सरफराज वली खान व उनके परिजन
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याचिकाकर्ताओं में रऊफ रहीम, वसीम अख्तर खान, रिजवान अहमद, शकील अहमद, हिमांशु गुप्ता, मोहम्मद तौहीद, मोहम्मद इमनरान सिद्दीकी व शाह आलम आदि शामिल हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट का आदेश देखते ही देखते सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म भी वायरल हुआ।
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दो दिन तक हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
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जब हॉल बना था तब नहीं पास होते थे भवन का नक्शा
सरफराज के बेटे सैफ वली खान ने कहा कि जब मैरिज हॉल बना था, उस समय न बीडीए था और न भवन का नक्शा पास होने की व्यवस्था थी। उन्होंने कहा कि बीडीए में वर्ष 2018 में मैरिज लॉन के कंपाउंडिंग का पैसा जमा किया था, उसकी रसीद आज भी उनके पास है। इसके बावजूद बीते शनिवार को अचानक नोटिस थमाकर मंगलवार से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
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पोकलेन मशीन से तोड़ा गया बरातघर
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साल 2021 में जारी हुआ था आदेश
अवैध निर्माण के आरोप में सरफराज के ऐवान-ए-फरहत और राशिद के गुड मैरिज हॉल के खिलाफ 12 अक्तूबर 2021 को ध्वस्तीकरण का आदेश पारित हुआ था। सपा नेता सरफराज वली खान का मैरिज हॉल उनकी पत्नी फरहत जहां के नाम पर है। मंगलवार को बीडीए ने दोनों बरातघरों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की थी।
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1942 की ईंट दिखाते सपा नेता
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आजादी से पहले बनी थी इमारत
सरफराज ने कहा कि हमारे बिल्डिंग की ईंटें 1942 और 1946 की हैं। बिल्डिंग तब बनी थी जब देश आजाद भी नहीं हुआ था। मैं सपा सरकार में हज कमेटी का सदस्य था। अब इस वक्त हमारा जमाना तो है नहीं... जिसका जमाना है वो जो चाहे कह और कर सकते हैं। कहा कि मौलाना तौकीर रजा खान से हमारे ताल्लुकात नहीं हैं। अब वह हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाएंगे।
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दो दिन बाद रुकी कार्रवाई
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बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए. ने बताया कि प्राधिकरण विधिसम्मत तरीके से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर रहा था। हम न्यायपालिका और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हैं। मैरिज हॉल संचालक हाईकोर्ट जाएंगे तो प्राधिकरण भी अपना पक्ष ठोस तथ्यों के साथ रखेगा।
पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोकी थी आवाजाही
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दो दिन से दुकानदारी चौपट थी, आने-जाने में परेशानी थी
मोहल्ले के लोगों ने कहा कि मंगलवार और बुधवार दो दिनों लगातार चली ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से हम लोगों का मुख्य मार्ग पर आवागमन बंद हो गया था। गलियों की दुकानों की दुकानदारी भी चौपट हो गई थी। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से उठने वाले धूल का गुबार घरों के अंदर आ रहा था। इससे कार्रवाई स्थल के आसपास के परिवार खासे परेशान थे।