'हमें भी मार दो... नहीं मारोगे तो फंदे से लटककर जान दे दूंगी। इसी चीरघर में मेरी भी लाश आएगी। अब मैं जिंदा रहकर क्या करूंगी?' पोस्टमॉर्टम हाउस पर चार बच्चों की मौत के बाद मां कौशल्या यह चीखते हुए यह कह रही थी और परिजन उसे संभालते रहे। महिला पुलिसकर्मियों ने भी उसे सांत्वना देने की कोशिश की। बच्चों को पालने के लिए तैयार थे रिश्तेदार, पर राजीव को नहीं था मंजूरपरिवार की गरीबी और राजीव की मानसिक स्थिति को देखते हुए रिश्तेदार उनके बच्चों को पालने के लिए तैयार थे, पर राजीव को यह मंजूर नहीं था। कुछ समय पहले राजीव का बहनोई राजकुमार उसकी बेटी कीर्ति को अपने शाहबाद स्थित घर ले गया था। इस पर राजीव ने उसे कई बार कॉल की। कहा कि बेटी को वापस छोड़ जाओ, वरना तुम्हारे घर में आग लगा देंगे। इसके बाद राजकुमार कीर्ति को घर छोड़ गए थे।