उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के नगरिया मोड़ के पास जली अवस्था में मिली छात्रा का कॉलेज आई कार्ड डैम रोड पर मिला है। यह कार्ड यहां पर कैसे पहुंचा, इसकी जांच पुलिस कर रही है। लखनऊ के सिविल हॉस्पिटल में भर्ती छात्रा के बयान के बाद पुलिस ने एसएस कॉलेज के दो छात्र मनीष, सुभाष के साथ रुद्रपुर की एक फैक्ट्री में काम करने वाले राजू को शुक्रवार को जेल भेज दिया था।
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दुष्कर्म के चारों आरोपियों को भेजा जेल।
- फोटो : अमर उजाला
छात्रा की सहेली पिंकी को भी पुलिस ने जेल भेजा था। छात्रा के मुताबिक, वह पिंकी के कहने पर पिता की नजरों से बचकर डैम रोड पर गई थी। पुलिस का कहना है कि छात्रा डैम रोड से होती हुई अकेले पैदल नगरिया मोड़ के पास बगिया पहुंची थी। यहां पर तीन युवकों ने उससे दुष्कर्म का प्रयास किया और विरोध करने पर केरोसिन डालकर जला दिया। छात्रा का आईकार्ड पुलिस को नहीं मिला था।
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पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
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शुक्रवार को छात्रा का आईकार्ड पुलिस को डैम रोड के पास मिला है। किसी राहगीर ने कार्ड मिलने पर पुलिस को सूचना दी जिसके बाद तिलहर पुलिस ने आई कार्ड कब्जे में ले लिया। सवाल यह उठ रहा है कि अगर छात्रा स्वेच्छा से पैदल वारदात स्थल तक पहुंची तो उसने अपना आई कार्ड रास्ते में क्यों फेंक दिया। ऐसा तो नहीं कि आई कार्ड आरोपियों ने यहां फेंका हो। तिलहर थाने के प्रभारी निरीक्षक प्रवीन सोलंकी ने बताया कि कार्ड मिल गया है। कार्ड कैसे वहां पहुंचा, इसकी जांच की जाएगी।
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घटनास्थल
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आपको बता दें कि एसएस कॉलेज की छात्रा का लखनऊ के डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अस्पताल (सिविल हॉस्पिटल) में इलाज चल रहा है। अस्पताल में भर्ती छात्रा ने मजिस्ट्रेट को दिए अपने बयान में बताया है कि उसके सहपाठी ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर उससे दुष्कर्म की कोशिश की थी। उसके विरोध पर उस पर केरोसिन डालकर जला दिया। इसमें सहेली सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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Shahjahanpur case
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पुलिस ने एक युवती समेत चार आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेज दिया। पूर्व में तिलहर थाने में दर्ज एफआईआर में सामूहिक दुष्कर्म, आपराधिक साजिश रचने और साक्ष्य छिपाने की धाराओं को बढ़ाया गया है। एसपी एस आनंद ने पुलिस लाइन में पत्रकारों को बताया कि 22 फरवरी को कांट थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा पिता के साथ एसएस कॉलेज आई थी। बाद में कॉलेज से वह गायब हो गई।
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इसी जगह पर लगाई थी
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पिता उसे तलाश करता रहा। शाम छह बजे तिलहर थाना क्षेत्र के नगरिया रिंग मोड़ पर छात्रा बुरी तरह जली अवस्था में मिली। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। 65 प्रतिशत जली छात्रा को हालत गंभीर होने पर सिविल हॉस्पिटल, लखनऊ में भर्ती कराया गया। लखनऊ में मजिस्ट्रेट को दिए बयान में छात्रा ने बताया कि एसएस कॉलेज में उसके साथ पढ़ने वाली उसकी सहेली पिंकी ने उसे सहपाठी मनीष और अपने फुफेरे भाई राजू से मिलने के लिए भेजा था।
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जांच करती पुलिस
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खुद बाद में आने के लिए कहा। पुलिस के मुताबिक छात्रा घटनास्थल तक खुद ही पैदल पहुंची थी। घटना वाले दिन कॉलेज के मेन गेट पर पिता के होने के कारण पीड़िता कॉलेज की टूटी दीवार के रास्ते से अपने पिता की नजरों से बचते हुए कॉलेज से निकल गई थी और अकेले ही घटनास्थल की तरफ चली गयी। इसकी पुष्टि कॉलेज एवं शहर में अलग-अलग जगह लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से हुई।
इसी बीच मनीष, सुभाष आदि भी कॉलेज से चले गए थे। आम की बगिया में पहुंचकर पीड़िता को अकेले पाकर आरोपियों ने उससे दुष्कर्म की कोशिश की। छात्रा के विरोध करने पर उसे जलाकर मार डालने की कोशिश की। छात्रा को जलता छोड़कर तीनों युवक भाग गए। वहीं छात्रा ने अपने शरीर पर लगी आग बुझाई। छात्रा के बयान के आधार और अपनी विवेचना के मुताबिक चारों आरोपियों को प्रथमदृष्टया दोषी मानते हुए पुलिस ने उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस ने तिलहर थाने में पिता की ओर से अज्ञात में दर्ज एफआईआर में चारों आरोपियों के नाम शामिल किए हैं।