उत्तराखंड के रिटायर्ड फौजी हरीश चंद्र की हत्या के आरोप में पुलिस ने बुधवार को बस ड्राइवर सोमपाल को जेल भेज दिया। बकौल पुलिस, उसने लूट के इरादे से नशे में हत्या करने की बात कबूली है। हालांकि कई सवालों पर वह पुलिस को गुमराह करता रहा। जेल भेजने से पहले एसपी सिटी ने सोमपाल को मीडिया के सामने पेश किया तो वह बोला- नशे में था साहब! मैंने क्या कर डाला कुछ ध्यान नहीं।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
खटीमा निवासी हरीश चंद्र की रविवार देर रात यहां बीसलपुर स्टैंड पर बस में डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई थी। बारादरी पुलिस ने मंगलवार को ही मेहतरपुर करोड़ गांव निवासी बस ड्राइवर सोमपाल को गिरफ्तार कर लिया था। स्टैंड के चौकीदार बाबा पहाड़ी ने उसे फौजी के साथ बस में जाते देखा था।
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इस बस में की थी हत्या
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बुधवार को एसपी सिटी अभिनंदन सिंह ने सोमपाल को मीडिया के सामने पेश किया। रिटायर्ड फौजी पांच दिन पहले से एक डॉक्टर के यहां अपने रिश्तेदार का इलाज करा रहे थे। मंगलवार को वह शाम चार बजे घर जाने की बात कहकर अस्पताल से निकले थे। सवाल यह है कि घटना रात डेढ़ बजे के करीब हुई तो इतने घंटे तक अपरिचित शहर में हरीश कहां रहे और क्या करते रहे?
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मृतक का बैग ले जाता दरोगा
- फोटो : अमर उजाला
हरीश के कान में सोने की बाली थी, इसके बारे में सोमपाल ने कुछ नहीं बताया। हरीश के कपड़े उतारने के सवाल पर सोमपाल ने कहा कि लूट के लिहाज से उतारे थे लेकिन फिर बोला- नशे में कुछ याद नहीं है। गठीले शरीर के हरीश को नशेड़ी सोमपाल ने अकेले कैसे मार दिया? यह सवाल भी अनुत्तरित है।
एसपी सिटी ने भी स्वीकारा कि अभी कई जवाब पुलिस को खोजने हैं। हरीश के परिवार के लोगों के साथ आए खटीमा के जिला पंचायत सदस्य नवीन जोशी भी आरोपी के जवाबों से संतुष्ट नहीं दिखे। बोले- वारदात में कुछ लोग और भी शामिल रहे होंगे। कुछ बातें छिपाई जा रही हैं।