पीलीभीत के बीसलपुर के गांव दियोरिया में अनिल गुप्ता (35) ने रविवार रात अपनी सगी बहन शिखा (28) को लात-घूंसे, डंडे व बेल्ट से पीटकर मार डाला। घटना को अंजाम देने के बाद उसने घर का मुख्य द्वार बंद कर लिया। इसी बीच अनिल को नींद आ गई। मां विमला गुप्ता ने मौका पाकर दूसरे स्थानों पर रह रही बेटियों को घटना के बारे में बताया। तीनों बेटियों के घर पहुंचने पर मां ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। आरोपी अनिल ने कोतवाली पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। मां विमला ने बताया कि शिखा रोज रात छत पर टहलती थी। यह उसके भाई अनिल को नागवार गुजरता था। रविवार रात जब शिखा छत पर टहल रही थी। तभी अनिल छत पर गया और शिखा को खींचते हुए नीचे ले आया। अनिल ने शिखा से कहा कि जब छत पर जाने से मना किया है, तो वह क्यों जाती है।
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आरोपी अनिल
- फोटो : अमर उजाला
शिखा ने कहा कि वह छत पर टहलने नहीं जाएगी तो कहां टहलने जाएगी। शिखा के इस जवाब से अनिल बौखला गया और उसने शिखा की बेरहमी से हत्या कर दी।
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pilibhit murder
- फोटो : अमर उजाला
बड़ी बहन के मोबाइल में रिकार्ड हैं शिखा की चीखें
जैतीपुर से आई शिखा की बड़ी बहन रुचि गुप्ता ने बताया कि रविवार दोपहर बाद से ही घर पर झगड़ा चल रहा था। रविवार को शाम को उसने घर पर फोन किया। तब शिखा को पीटा जा रहा था। उसके मोबाइल में शिखा की चीख की रिकार्डिंग भी मौजूद है। अगर पुलिस चाहेगी तो वह साक्ष्य दे देगी। इसके बाद उसने 35 कॉल कीं लेकिन भाई ने कोई कॉल रिसीव नहीं की। वह रात 11 बजे तक संपर्क करती रही।
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उठ रहे सवाल- मां,भाई, भाभियां घर पर मौजूद फिर भी हो गई हत्या
शिख की मौत पर उसकी मां विमला भले ही दावा कर रही हो कि बेटे अनिल ने ही उसे मारा है। लेकिन हालात कुछ और ही इशारा कर रहे हैं। घटना के दौरान मां विमला के अलावा अनिल की पत्नी उसके दूसरे बेटे की बीवी मौजूद थी।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
चर्चा यह है कि दूसरा बेटा भी मौजूद है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि इतने लोग घर में मौजूद होने के बाद भी किसी ने शिखा को बचाया क्यों नहीं। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू पर जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पूरी घटना में कुछ ऐसा जरूर है जिसे मां नहीं बता रही है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शिखा का मोबाइल कब्जे में लेकर उसकी कॉल डिटेल निकलवाई जाएगी। घटना में अगर एक से अधिक लोग शामिल हैं तो उन पर भी कार्रवाई होगी। फिंगर प्रिंट और फोरेंसिक जांच में इसका पता चल जाएगा। फोरेंसिक टीम के अलावा डॉग स्क्वाड भी मौके पर पहुंचा था।