पीलीभीत के बीसलपुर में मरने से पहले शिखा ने हाथ जोड़कर, पैर छूकर भाई अनिल से जिंदगी की भीख मांगी, कहा- कि अब वह कभी छत पर नहीं जाएगी लेकिन अनिल के सिर पर खून सवार था। उसने किसी की नहीं सुनी। मां, भाभी और पत्नी बचाने आईं तो उन्हें धमकी दी कि अगर किसी ने दखल दिया तो उसे नदी में फेंक देगा। आखिर में शिखा की मौत के बाद ही उसके गुस्से की ज्वाला शांत हुई। मां विमला देवी ने बताया कि उनके दो बेटे अनिल, राजकुमार और बेटियां मधु, शशि, रुचि के अलावा शिखा थी। शिखा सबसे छोटी थी। शिखा को छोड़कर दोनों लड़कों और तीनों लड़कियों की शादी हो चुकी है। शिखा की शादी की बात चल रही थी। बरेली के फरीदपुर के रहने वाले दरोगा से शादी की बातचीत चल रही थी। शिखा शिक्षक बनना चाहती थी। उसने डीएलएड कर लिया था। वह शिक्षा विभाग में रिक्तियां निकलने का इंतजार कर रही थी।
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Pilibhit murder
- फोटो : अमर उजाला
रविवार शाम को घर पहुंचने पर जब अनिल को पता चला कि बहन शिखा छत पर है, इतना सुनते ही उसके सिर पर खून सवार हो गया। सीधे छत पर पहुंचकर शिखा को घसीटते हुए नीचे लेकर आया। यहां बेरहमी से उसे पीटने लगा।
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आरोपी अनिल
- फोटो : अमर उजाला
अनिल गुस्से में इस कदर पागल हो गया था कि किसी की भी नहीं सुन रहा था। मां विमला देवी ने बताया कि शिखा को जब लगा कि अनिल आज उसे मार ही डालेगा तो खतरा भांपते हुए हाथ जोड़कर और पैर छूकर अनिल से जीवन की भीख मांगी लेकिन अनिल नहीं पसीजा।
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pilibhit murder
- फोटो : अमर उजाला
पिटाई से बचने के प्रयास में शिखा चारपाई के नीचे घुस गई। अनिल ने चारपाई के नीचे से उसका पैर पकड़कर खींच लिया और पिटाई शुरू कर दी। शिखा के पूरे शरीर पर चोटों के निशान पड़ गए थे। वह शिखा को तब तक पीटता रहा जब तक वह बेदम नहीं हो गई।
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फाइल फोटो
- फोटो : amar ujala
इसके बाद उसे गले में चुन्नी बांधकर इधर-उधर उसे घसीटता रहा। विमला देवी और शिखा की भाभियां जब उसे बचाने के लिए आगे बढ़ी तो अनिल ने धमकी दी कि अगर कोई दखलंदाजी देगा तो उसे मारकर नदी में फेंक दिया जाएगा।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
शिखा की मौत के बाद रात भर विमला बेटी के शव के पास बैठी रही। रात में जब अनिल को झपकी लगी तो उसने अपनी बेटियों को फोन करके घटना की जानकारी दी।
बहन को लेकर ग्रामीण के तंज से आग-बबूला हो गया था अनिल
चर्चा है कि गांव पकड़िया के एक ग्रामीण ने अनिल पर रविवार को तंज कसा था कि उसकी बहन 28 वर्ष की हो गई है और वह उसकी शादी तक नहीं कर पा रहा है। दिन भर बहन छत पर टहलती रहती है। इसी टिप्पणी के बाद अनिल आग बबूला हो गया। घर आया शिखा के बार में पूछा तो पता चला कि वह छत पर टहल रही है। बस यही से उसके सिर पर खून सवार हो गया।