फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शाहजहांपुर हादसे ने छीन लिए मां और दो भाई, दस साल का विशाल अब रह गया अकेला

Wed, 28 Aug 2019 11:34 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर
विज्ञापन
1 of 6
शाहजहांपुर सड़क हादसा - फोटो : अमर उजाला
लखीमपुर खीरी के गांव रहजनिया निवासी 10 वर्षीय विशाल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। कई साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। इस हादसे में उसके दो भाइयों समेत मां की भी मौत हो गई। वह अकेला रह गया है। वह भी घायल है। हादसे में अपने दो बच्चों के साथ मौत का शिकार हुई आरती देवी के पति रामसनेही की आठ वर्ष पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। वह बड़े बेटे हर्षित की पीलिया के इलाज के लिए 15 दिन से अपने मायके थाना सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव ऊटहा में रुकी हुईं थीं। 
 
विज्ञापन

2 of 6
विपाल करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को वह मायके से अपने बच्चों 12 वर्षीय हर्षित, 10 वर्षीय विशाल, सात वर्षीय अमन उर्फ मसाला के साथ अपनी ससुराल लखीमपुर खीरी के मैगलगंज के गांव रहनिया लौट रही थी। हादसे में उसके दोनों बेटों अमन और हर्षित की मौत हो गई, वहीं विशाल और आरती का इलाज शुरू किया गया, लेकिन दोपहर लगभग एक बजे आरती ने भी दम तोड़ दिया। 
 
विज्ञापन

3 of 6
मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
बेटे और पौत्री का शव देख बेसुध हो गया हनीफ
शाहजहांपुर के थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के मोहल्ला तहबरगंज निवासी 25 वर्षीय अजीम की बहन शमीम बानो बुखार से पीड़ित है। वह अपनी बहन के लिए अपने साढू़ छोटे के गांव सरही जाने के लिए घर से निकला था। साथ में तीन वर्र्षीय बेटी आलिया भी साथ चलने की जिद करने लगी। बच्ची का मन रखने के लिए अजीम ने उसे भी साथ ले लिया। रास्ते में हुए हादसे में दोनों की एक साथ जान चली गई।

4 of 6
पलटा हुआ ट्रक - फोटो : अमर उजाला
पिता हनीफ को जानकारी मिली तो वह जिला अस्पताल में बेटे और पौत्री का शव देख बेसुध हो गया। घटना के बाद से अजीम की पत्नी शहजबी का रो-रोकर बुरा है। अजीम के दो बच्चे थे, एक बेटा आसिफ बचा है। वहीं तिलहर के गांव रटा निवासी 40 वर्षीय विनोद बेटी की ससुराल कनगुइया जहानीखेड़ा लखीमपुर खीरी जाने के लिए निकला था, लेकिन हादसे में जान चली गई।
विज्ञापन

जा रहे थे भैंस खरीदने, रास्ते में कर रही थी मौत इंतजार

5 of 6
पलटा हुआ ट्रक - फोटो : अमर उजाला
थाना सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव सरौरा निवासी 45 वर्षीय बुद्धा लाल को भैंस खरीदनी थी, इसलिए उन्होंने अपने समधी गांव चंदगोई निवासी 50 वर्षीय बलराम कश्यप से इस बात का जिक्र किया। बलराम ने अपने भतीजे 45 वर्षीय रामकिशोर की बेटी पूनम की ससुराल लखीमपुर खीरी के थाना मैगलगंज के गांव पकड़िया से खरीदवाने की हामी भर दी। मंगलवार को तीनों लोग घर से पकड़िया जाने को निकले तो रास्ते में मैजिक मिल गई और तीनों उसी में बैठ लिए। 

यह भी पढ़ें: कानपुर सेंट्रल स्टेशन की बाउंड्री तोड़कर बाहर निकली ट्रेन, चार डिब्बे डिरेल, देखें पहली तस्वीरें
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
कुछ देर बाद सूचना परिजनों को जमुका दोराहा के पास हादसे की सूचना मिली तो सबसे पहले बुद्धालाल का बेटा रंजीत जिला अस्पताल पहुंचा, उसने मोरचरी में रखे शवों में से पिता बुद्धालाल और ससुर बलराम की शिनाख्त की। इसके बाद बलराम के पिता राम भरोसे व परिवार की महिलाएं पहुंच गईं, तब पता चला कि इस घटना में रामभरोसे के छोटे भाई रामकिशोर की भी मौत हो गई। परिजनों का कहना था कि बुद्धालाल के पास 60 हजार रुपये थे, जो नहीं मिले। रामकिशोर की पत्नी लीलावती व बलराम की पत्नी वीरावती बार-बार बेहोश हो रहीं थीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें