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बदायूं में बाढ़ का कहर: 16 गांवों का दातागंज तहसील से संपर्क टूटा, 50 हजार लोग घरों में कैद, 15 स्कूल बंद

Thu, 19 Sep 2024 11:19 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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flood in budaun - फोटो : अमर उजाला
बदायूं जिले में अरिल और रामगंगा नदी में बाढ़ से दातागंज तहसील क्षेत्र के करीब 16 गांवों का तहसील से संपर्क टूट गया है। दो दिन के बाद भी बुधवार को न तो गांव में राहत सामग्री पहुंच सकी न ही स्वास्थ्य विभाग का शिविर लग सका। नदियों से आया पानी अब घरों तक पहुंच गया है। इससे अब घरों के गिरने का भी डर लोगों को सता रहा है। क्षेत्र के करीब 50 हजार लोग भूखे-प्यासे घरों में कैद रहे। 

बाढ़ के कारण जमीन का कटान हो रहा है। फसल भी पूरी तरह नष्ट हो गई है। बाढ़ में फंसे लोगों को न तो राहत सामग्री मुहैया कराई गई है और न ही अधिकारी ही गांव तक पहुंच सके हैं। जलस्तर अधिक होने से नाव से सफर करने में भी लोगों को डर लग रहा है। प्रशासनिक अधिकारी राहत सामग्री वितरण करने की बात तो कह रहे हैं। लेकिन, हालात कुछ और ही हैं। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 
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दातागंज क्षेत्र में बाढ़ से घिरा गढ़िया पैगम्पुर गांव - फोटो : अमर उजाला
हालात यह है कि अकट समेत जरतोली, सकतपुर, सिमरिया, नवादा बदन, देवचरी, हर्रामपुर, शेरपुर, गढि़या पैगंबरपुर, मेढ़ा गांव में पानी भरा हुआ है। अकट के अमर सिंह और भूरे के मकान की दीवारें अचानक भरभराकर गिर गईं। इससे पानी घर के अंदर घुस गया। अब अन्य घरों से बाढ़ का पानी टकरा रहा है। ऐसे में उनको भी खतरा बना हुआ है।
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गांव जरतौली के प्राथमिक विद्यालय में भरा बाढ़ का पानी। - फोटो : संवाद
15 से अधिक स्कूल बंद 
दातागंज क्षेत्र के 15 से अधिक परिषदीय स्कूल अभी बंद चल रहे हैं। इनमें से कई स्कूलों में बाढ़ का पानी आ गया है तो कई स्कूलों का रास्ता ही बंद है। ऐसे में शिक्षक स्कूल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह ऐसे स्कूलों का चयन करें, जहां पर शिक्षक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन स्कूलों के शिक्षकों को पास के गांव जहां पर वह आसानी से पहुंच जाएं, उन विद्यालयों में भेजा जाए। 

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सड़क पर बह रहा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
हर तरफ पानी, छुट्टा पशुओं का हाईवे बना सहारा
बाढ़ का पानी सड़क से लेकर खेतों तक भरा है। गांव में बाढ़ का पानी आने की वजह से अब छुट्टा पशु भी परेशान हो गए हैं। उनको चारे का संकट पैदा हो गया है। जरतोली, सकतपुर, सिमरिया के ग्रामीणों ने बताया कि अब यह पशु बाढ़ की वजह से बंद पड़े हाईवे को अपना आशियाना बनाए हुए हैं।
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बाढ़ में डूबीं फसलें - फोटो : अमर उजाला
फसल हुई चौपट, किसान परेशान
दातागंज क्षेत्र में कुछ समय पहले बाढ़ आई से धान की पौध पूरी तरह से नष्ट हो गई थी। बाढ़ का पानी जाने के बाद में जैसे-तैसे ग्रामीणों को अपने जीवन-यापन को जारी रखने के लिए दोबारा से बाजरा, तिल, उर्दू आदि खरीफ की फसल बोई थी। चूंकि अब खरीफ की बोआई का सीजन निकल गया है। इसी बीच में दोबारा से बाढ़ आ गई और किसानों की अब फिर से फसल नष्ट हो गई है। 
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खेतों में भरा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
छत से गिरी युवती इलाज को नहीं ले जा सके परिजन
अकट निवासी नन्हें के घर में बाढ़ का पानी आ गया है। उनकी बेटी फूला देवी घर का सामान छत पर रख रही थी कि अचानक उसका पैर फिसल गया और वह छत से नीचे गिर गई। इससे उसकी कमर में चोट आई है। परिजन उसको नाव से इलाज को नहीं ले जा सके, क्योंकि पानी का बहाव काफी तेज है। गांव में एक बार ही स्टीमर आई है। इसके बाद स्टीमर लाने की भी किसी ने जहमत नहीं उठाई है। 
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नाव से हो रहा आवागमन - फोटो : अमर उजाला
जनजीवन प्रभावित, जिम्मेदार दें ध्यान
नवादा बदन के अरविंद कुमार ने बताया कि बीते तीन चार दिनों से रामगंगा के लगातार बढ़ रहा है। रामगंगा ने रौंद्र रुप ले लिया है। बढ़ते जलस्तर से आम जनजीवन प्रभावित है। नवादा बदन, गढ़िया पैगम्बरपुर, मौजमपुर, अकट, शेरपुर, हर्रामपुर, पट्टी विजा, लालपुर खादर, आदि गांवों में घरों में पानी घुस गया है। किसान की धान, उड़द, तिल, बाजार आदि फसलें पूरी तरह से बर्बाद हो गईं हैं। गांवों में प्रशासन की ओर से कोई राहत सामग्री नहीं दी गई है। 

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नाव पर सवार ग्रामीण - फोटो : अमर उजाला
ग्राम शेरपुर के संजीव कुमार सिंह ने बताया कि जलस्तर अधिक होने से लोग जान जोखिम में डालकर जरूरी काम से ही घर से निकल रहे हैं। अधिकांश लोग दो दिन से घरों में कैद हैं। अब पेट भरने के लिए भी सामान नहीं बचा है। ऐसे में प्रशासन को राहत सामग्री वितरित करनी चाहिए। बुधवार शाम तक गांव में किसी प्रकार की राहत सामग्री नहीं पहुंची है।
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खेतों में भरा बाढ़ का पानी - फोटो : अमर उजाला
दातागंज के एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जलस्तर अधिक होने से गांव तक पानी है। राहत सामग्री गांव-गांव पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही बाढ़ प्रभावित गावों में राहत सामग्री वितरित कराई जाएगी। बाढ़ क्षेत्र के किसी व्यक्ति को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए वह स्वयं लोगों से संपर्क में हैं। बार- बार क्षेत्र का दौरा किया जा रहा है। 

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