बरेली में एक युवक ने फर्जी जीएसटी इंस्पेक्टर बनकर प्रेमिका से निकाह किया। जब उसकी पोल खुली तो बीवी रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद गिरफ्तारी से बचने के लिए बीमारी का नाटक अस्पताल में भर्ती हो गया, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
बरेली में खुद को जीएसटी इंस्पेक्टर बताकर युवती से निकाह करने के बाद उससे दहेज मांगने वाला शातिर शहजाद अहमद सीने में दर्द के बहाने तीन सौ बेड अस्पताल में भर्ती हो गया। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में उसे पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
बारादरी थाने में पिछले दिनों हाफिजगंज निवासी इकरा ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि हाफिजगंज के शहजाद अहमद ने खुद को जीएसटी इंस्पेक्टर बताकर निकाह किया था। जब शहजाद ड्यूटी पर नहीं गया तो शक हुआ। इस पर इकरा के भाई ने उसके बारे में जानकारी जुटाई तो पता लगा कि शहजाद बेरोजगार है। वह वर्दी पहनकर खुद को इंस्पेक्टर बताकर लोगों को रौब दिखाता है।
इकरा ने बारादरी थाने में आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद शहजाद के वर्दी वाले फोटो, वीडियो वायरल हो रहे थे। पुलिस को सूचना मिली कि शहजाद तीन सौ बेड अस्पताल में है। पुलिस ने पहुंचकर शहजाद को हिरासत में लिया।
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आरोपी शहजाद
- फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस ने आरोपी शहजाद के पास निशानेदाही पर दो फर्जी वर्दी, स्टार, सीटी, दो नेमप्लेट, पुलिस का लोगो, पी कैप, वर्दी वाला फोटो लगा आईकार्ड, पुलिस आईकार्ड और दो फर्जी आधार कार्ड बरामद किए।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
पूछताछ में शहजाद ने बताया कि वह इकरा से प्रेम करता था। इकरा के परिजनों को नौकरी वाला दामाद चाहिए था। मुरादाबाद रहकर दरोगा भर्ती की तैयारी की लेकिन सलेक्शन नहीं हुआ। भर्ती परीक्षा में शहजाद अंसारी नाम का युवक सफल हुआ था। उसके नाम का फायदा उठाकर फर्जी आधार कार्ड और जीएसटी इंस्पेक्टर का कार्ड बनवाया।
मुरादाबाद से वर्दी सिलवाई और यूट्यूब पर वीडियो देखकर पुलिस का चाल चलन सीखा। सोशल मीडिया पर वर्दी में वीडियो अपलोड किये जगह जगह आवभगत हुई। इकरा के घरवाले भी निकाह के लिए राजी हो गए लेकिन जब नौकरी पर नहीं गया और आर्थिक तंगी हुई तो उसका भेद खुल गया।