लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड में अब पुलिस को सुमित जायसवाल उर्फ मोदी की तलाश है, जो घटना के समय थार जीप में सवार था। थार जीप से उतरकर भागते हुए उसका वीडियो भी वायरल हो चुका है। लिहाजा पुलिस ने घटना की कड़ी जोड़ने के लिए सुमित जायसवाल की तलाश तेज कर दी है। खास बात यह भी है कि थार जीप में सवार ड्राइवर समेत अन्य लोगों की प्रदर्शनकारियों द्वारा हत्या की जा चुकी है, जिससे थार जीप पर मौजूद अकेला चश्मदीद सुमित जायसवाल ही बचा है। तिकुनिया कांड के पूरे घटनाक्रम में थार जीप का सबसे अहम रोल रहा है। इसी थार जीप की चपेट में आकर चार किसानों की मौत हुई थी। इसके बाद थार से उतरकर भागते सुमित जायसवाल दिखा था। यह वीडियो कई दिन पहले वायरल हो चुका था, लेकिन पुलिस अब तक सुमित की तलाश नहीं कर पाई है और न ही सुमित की लोकेशन ही ट्रेस हो रही है।
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Lakhimpur Kheri Violence
- फोटो : अमर उजाला
सूत्र बताते हैं कि वीडियो वायरल होने के बाद से ही सुमित जायसवाल भूमिगत हो चुका है। कई दिनों से शहर में उसकी मौजूदगी के कोई निशान नहीं मिले हैं। अब तक पुलिस मुख्य आरोपी समेत छह लोगों से पूछताछ कर चुकी है और अब सुमित की तलाश में जुटी है।
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किसानों को रौंदते हुए
- फोटो : सोशल मीडिया
माना जा रहा है कि सुमित से पूछताछ में घटना के कई राज खुलकर सामने आएंगे। खासकर थार जीप को भगाने के पीछे क्या वजह हो सकती है। इन सवालों के जवाब मिलने पर ही पुलिस इस केस की कड़ियां जोड़ने में कामयाब हो सकती है।
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जली हुई गाड़ी को देखते लोग
- फोटो : अमर उजाला
होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी जांच टीम
लखीमपुर हिंसा के आरोपी पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के भतीजे अंकित दास व उसके करीबी सुरक्षाकर्मी लतीफ काले को लेकर जांच टीम शुक्रवार दोपहर को लखनऊ पहुंची।
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सड़क पर पड़ीं चप्पलें
- फोटो : अमर उजाला
करीब चार घंटे तक उसके साथ कई ठिकानों पर पड़ताल की गई। इस दौरान पुलिस के हाथ एक लाइसेंसी रिवाल्वर और एक रीपीटर बंदूक हाथ लगी। दोनों का लाइसेंस अंकित दास के नाम बताया है। पुलिस इसके बाद उसे लेेकर गोमतीनगर फन मॉल के पीछे स्थित होटल सागर सोना लेकर गई। जहां उससे कमरे के बारे में जानकारी हासिल की। पुलिस टीम वहां पर करीब एक घंटे तक रही।
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खेत में टूटी फसल और खेत में पड़े जूते
- फोटो : अमर उजाला
जांच टीम ने अंकित दास से होटल सागर सोना में काफी देर तक पूछताछ की। इसके बाद उसकी बताई तारीख के आसपास के सभी दिनों की सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू की। पुलिस ने होटल का डीवीआर अपने कब्जे में ले लिया है। होटल के फुटेज में कई अहम सुराग जांच टीम के हाथ लगे हैं, जिनके आधार पर कुछ अन्य लोगों के बारे में जानकारी मिल सकती है, जो अंकित दास को नेपाल तक ले जाने में मदद की थी। पुलिस इन मददगारों की सूची तैयार की है।
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गाड़ी में लगाई आग
- फोटो : अमर उजाला
दो मिस कारतूस बने असलहे बरामदगी का मुख्य आधार
तिकुनिया कांड में जांच टीम को मौके से दो मिस कारतूस मिले थे, जिसके बाद जांच टीम ने असलहों की जांच को आधार बनाया। इससे पहले जब आशीष मिश्र मोनू ने क्राइम ब्रांच में जांच टीम का सामना किया था तब भी टीम ने आशीष से रायफल और पिस्टल देने को कहा था, लेकिन सीजर रिपोर्ट सामने तैयार करने को लेकर इनके अधिवक्ता की आपत्ति थी।
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घटनास्थल पर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद जांच टीम ने इसी रायफल की बरामदगी के लिए कस्टडी रिमांड का अपना आधार बनाया था। जांच टीम जब अंकित दास और उनके साथियों को लेकर लखनऊ पहुंची तो रिपीटर गन और रिवॉल्वर को लेकर मौके पर सीजर बनाने को लेकर अंकित दास के अधिवक्ताओं से असहमति की नौबत बन गई। लिहाजा पुलिस असलहों की बरामदगी के लिए उन्हें लखनऊ ले गई।
पांचों आरोपियों की मोबाइल कॉल डिटेल और जीपीएस लोकेशन पर ध्यान केंद्रित करते हुए, जांच टीम इस बात को पुख्ता साबित करने में जुटी है कि शेखर भारती ने जांच टीम के सामने जो बयान दिया, वह हूबहू सच था। सूत्र बताते हैं कि चारों आरोपियों से पूछताछ में सबसे अधिक तथ्यात्मक जानकारी अंकित दास से हासिल हुई है और मौके से किसानों को भागने के लिए हवाई फायरिंग करने की बात सामने आई है।