शाहजहांपुर के एक प्राथमिक विद्यालय की टीचर सरिता सिंह अब शरद सिंह बन गई हैं। सरिता शहीद ठाकुर रोशन सिंह की प्रपौत्री हैं। उनके लिए यह फैसला आसान नहीं रहा। सरिता ने बताया कि बचपन से उनमें सारे गुण पुरुषों की तरह थे। शिक्षक पद पर नौकरी लगने के बाद सरिता सिंह ने अपना लिंग परिवर्तन (जेंडर चेंज) कराने का फैसला लिया। ऑपरेशन के बाद अब वह सरिता से शरद बन गईं हैं। अब उन्होंने सर्विस बुक में अपनी लैंगिक पहचान बदलवाने के लिए प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
सरिता उर्फ शरद सिंह दोनों पैरों से दिव्यांग हैं। उन्होंने बीएड करने के बाद शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर 2020 में बेसिक शिक्षा परिषद में सहायक अध्यापक के पद पर नौकरी पाई थी। उन्हें भावलखेड़ा के एक विद्यालय में तैनाती मिली। इसके बाद निगोही रोड पर किराये का मकान लेकर रहने लगीं। सरिता का हेयर स्टाइल से लेकर पहनावा भी पुरुषों की तरह है।