पंजाब मेल में शरारती तत्वों की अग्निशमन सिलिंडर से छेड़खानी यात्रियों पर भारी पड़ी। सिलिंडर के गिरने के बाद बजे अलार्म और हवा में उड़े पाउडर को धुआं बताकर किसी ने आग लगने की गलत जानकारी देकर खलबली मचा दी। यात्री जान बचाने के लिए भागे तो चलती ट्रेन में चीख-पुकार मच गई।
आग लगने का शोर मचाते हुए यात्रियों ने चेन पुलिंग कर दी। रफ्तार से चल रही ट्रेन अचानक बहगुल नदी के पुल पर रुक गई। इसके बाद भगदड़ जैसे हालात हो गए। यात्रियों ने बैग व अन्य सामान बोगी में ही छोड़कर ऊंचाई की परवाह किए बगैर कूदना शुरू कर दिया।
शोर-शराबे के बीच कुछ लोग अन्य बोगियों से उतरकर आए और घबराए लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन दहशत के बीच मिनटों में बोगी खाली गई। इससे कई यात्रियों को सिर, हाथ व पैर में चोट लग गई। जांच में सब ठीक मिलने पर चेन पुलिंग के बाद निकले प्रेशर पाइप को ठीक करने के बाद ट्रेन को पुल से थोड़ा आगे बढ़ाया गया, तब यात्री दोबारा बोगी में सवार हुए।
50 मिनट तक रुकी रही ट्रेन
हादसे के बाद 20 मिनट तक बहगुल नदी पर ट्रेन खड़ी रही। शाहजहांपुर में 10:10 पर ट्रेन आई। राहत एवं बचाव कार्य के बाद ट्रेन को 10:40 बजे रवाना किया गया। इसके चलते कई ट्रेनों को अन्य स्टेशनों पर रोकना पड़ गया है।
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- फोटो : अमर उजाला
यात्रियों को उतारने के बजाय बनाते रहे वीडियो
शाहजहांपुर स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद घायल यात्रियों को बोगी से उतारने के बजाय लोग वीडियो बनाते रहे। कोई सामने नहीं आने पर सीएमआई और सीआईटी केके यादव बोगी में चढ़े और घायलों को नीचे उतारा। इस बीच घायल अन्य यात्रियों के बयान भी दर्ज किए गए।
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ट्रेन के कोच में आग लगने की एक माह में तीसरी अफवाह
एक माह के भीतर रविवार को तीसरी बार ट्रेन के कोच में आग लगने की अफवाह फैली। भगदड़ की वजह से यात्रियों की जान जोखिम में पड़ी। एक माह के भीतर इस तरह की यह तीसरी वारदात है। इससे पहले के दो मामलों की जांच अभी अटकी हुई है। इधर, अफवाहों की वजह से फिर यात्रियों की जान जोखिम में पड़ गई।
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14 जुलाई को 13308 गंगा-सतलुज एक्सप्रेस के सामान्य कोच में आग लगने जैसी बदबू आने पर पितांबरपुर स्टेशन के पास यात्रियों ने चेन पुलिंग करके ट्रेन को रोक दिया था। इस दौरान भी कई यात्री ट्रेन से गिरकर जख्मी हो गए थे। 21 जुलाई को 04303 बरेली-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन के जनरल कोच में गुमथल स्टेशन के पास आग बुझाने का सिलिंडर लीक होने से भगदड़ मची थी। दोनों मामलों की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है।
पं
जाब मेल में रविवार सुबह हुई घटना की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सिलिंडर सही ढंग से टंगा था। किसी शरारती तत्व ने उसकी पिन को पुश कर दिया। इस मामले में भी अधिकारी जांच और शरारती तत्वों की पहचान कराने की बात कह रहे हैं। फिलहाल, किसी शरारती तत्व की पहचान नहीं हो सकी है।