बदायूं में सरकारी आवास में फंदे से लटकी मिली महिला जज के पिता अशोक कुमार राय का कहना है कि उनके परिवार में कोई भी व्यक्ति इतना कमजोर नहीं है और न ही उनकी बेटी कमजोर थी। वह बहुत मजबूत थी और किसी भी कीमत पर आत्महत्या नहीं कर सकती। उसकी हत्या हुई है। देर शाम उन्होंने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
रात आठ बजे महिला जज का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। अपर निदेशक अभियोजन के पद से सेवानिवृत्त अशोक कुमार राय शनिवार शाम करीब साढ़े पांच बजे अपनी पत्नी के साथ बदायूं पहुंचे। उन्होंने जैसे ही आवास के सामने आकर कार रोकी कि उन्होंने सबसे पहले एसएसपी के बारे में पूछा।
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उन्हें देखकर एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव उनके नजदीक पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह एसपी सिटी हैं। इसके बाद अशोक कुमार राय उन्हें लेकर ऊपर आवास में चले गए। बाद में कुछ लोग उनकी पत्नी को ऊपर ले गए। उन्होंने कमरे का दृश्य देखकर कहा कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती। उनका परिवार और उनकी बेटी काफी मजबूत है।
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उसकी हत्या हुई है। आईजी रेंज डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि महिला जज की मौत के मामले में बदायूं एसएसपी को स्पष्ट तौर पर निर्देश दिए गए कि रिपोर्ट से लेकर पोस्टमार्टम तक सारी कार्रवाई विधिक तरीके से कराई जाए। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सारी प्रक्रिया कराई जाए।
पोस्टमार्टम भी पैनल से वीडियोग्राफी के साथ कराने का निर्देश दिया गया है। महिला जज के पिता ने जो आरोप लगाए, उनके मुताबिक रिपोर्ट कराई गई है, ताकि भविष्य में किसी तरह के आरोप या जांच के दौरान पुलिस को अपना पक्ष रखने में दिक्कत न हो।
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ये लिखा था सुसाइड नोट में
सूत्रों के मुताबिक महिला जज ने सुसाइड नोट में लिखा है कि सुबह उठकर एक ही जैसी दिनचर्या में लगने से वह ऊब सी गई हैं। वह जो कर रही हैं उसके लिए कोई दोषी नहीं है। उन्होंने अपनी मौत के बाद उनके खरगोशों का ध्यान रखने के लिए भी लिखा। साथ ही अपना अंतिम संस्कार सरयू नदी किनारे करने के लिए भी लिखा।
पेशकार को बुलाकर चेक कराया सुसाइड नोट
महिला जज के कमरे मिले सुसाइड नोट के बाद एसएसपी आलोक प्रियदर्शी ने उनके पेशकार को मौके पर बुलाया था। उन्हें सुसाइड नोट दिखाया गया और महिला जज के हस्ताक्षर दिखाए। पेशकार ने महिला जज की ही लिखावट और हस्ताक्षर बताए। बताया जा रहा है कि मौके से मिला सुसाइड नोट फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। उसकी जांच कराई जाएगी।