परिजनों ने बताया कि डॉक्टर ने पांच दिन में दो लाख रुपये भी जमा कराए थे। आक्रोशित परिजन डॉक्टर और स्टाफ को पीटने के बाद अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। पुलिस ने बमुश्किल उन्हें बचाया। डॉक्टर ने अस्पताल का गेट बंद कर लिया, तब मृतक के परिवार के युवक ने गेट पर पत्थर फेंके। हंगामे के दौरान रोड पर जाम की स्थिति बन गई। पुलिस ने मुश्किल से लोगों को तितर-बितर किया।
परिजनों ने मांगा मुआवजा
हंगामे की सूचना पर सीओ सिटी सौम्या पांडेय पहुंचीं और वार्ता कराई। परिजन 50 लाख रुपये का मुआवजा, अस्पताल को बंद कराने और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। रात करीब साढ़े नौ बजे बमुश्किल खत्म धरना हुआ। इंस्पेक्टर राजीव तोमर ने बताया कि मामले में तहरीर मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं, अस्पताल संचालक का कहना है कि मरीज की मौत आज ही हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।