मुखिया गया जेल, रोजी-रोटी का संकट
मेहनत-मजदूरी कर संजीव अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। उसके परिवार में पत्नी नन्हीं देवी के अलावा बेटे सौरभ व बेटी रूबी हैं। गौरव की हत्या में पुलिस ने संजीव को जेल भेज दिया। ऐसे में नन्हीं देवी के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। नन्हीं देवी ने बताया कि उनके हिस्से में तीन बीघा जमीन है। बच्चों को पालने के लिए वह खुद मेहनत-मजदूरी करेंगी।
सो नहीं पाईं नन्हीं, चेहरे पर दिख रही मायूसी
अपने बेटे गौरव की मौत के बाद मां नन्हीं देवी का बुरा हाल है। बेटे की मौत और पति के जेल जाने पर उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बोली कि गम में वह पूरी रात सो नहीं पाई।
पहले बरगलाता रहा, शव मिलने पर रो पड़ा संजीव
रंजिश का बदला लेने के लिए मासूम बेटे को निर्दयता के साथ खन्नौत नदी के पुल से नदी में फेंकने वाला संजीव कुमार शुरुआत में पुलिस को बरगलता रहा। प्रारंभ में उसके चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी। पुलिस के भरोसे में लेने पर रात करीब तीन बजे नदी में उसके बताए स्थान पर शव की तलाश शुरू हुई।
बेटे का शव मिलने पर वह रो पड़ा। पुलिस की गिरफ्त में वह दहाड़े मारकर रोता रहा। गिरफ्तारी के बाद कचहरी में वकीलों ने उसके कृत्य पर नाराजगी जताई। यहां भी वह रोता रहा। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र गुप्ता ने बताया कि जेल जाते समय संजीव के चेहरे पर पछतावे के भाव थे। पुलिस की गिरफ्त में वह कई बार रोया था।