बरेली में शनिवार सुबह पीलीभीत बाइपास पर प्लॉट पर कब्जे को लेकर हुए बवाल ने शहर की कानून-व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। अब सवाल उठ रहा है कि फायरिंग के दौरान पुलिस के आला अफसर कहां थे? मुखबिर तंत्र को इसकी भनक क्यों नहीं लगी? स्मार्ट सिटी के तहत शहर के चप्पे-चप्पे की निगरानी के लिए लगाए गए कैमरों को क्या हो गया था? एक फोन कॉल पर चंद मिनटों में पहुंचने का दावा करने वाली पुलिस की क्विक रिस्पांस टीमें कहां थीं?
फायरिंग मामले में पुलिस विभाग के एक बड़े अफसर की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक एक पक्ष ने पूर्व में उन्हीं के आदेश पर इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। व्यापारी मयंक कुमार व अंकित का कहना है कि इस तरह तो कहीं भी कुछ भी हो सकता है। शहर की सुरक्षा दांव पर है। विश्वास ही नहीं होता कि बरेली जैसे शहर में ऐसा भी हुआ होगा। शहर के लोगों ने इस तरह की वारदात पहली बार देखी।
विज्ञापन
2 of 9
बरेली गोलीकांड
- फोटो : अमर उजाला
ताज्जुब तो ये है कि बेखौफ बदमाश एक घंटे तक फायरिंग व बवाल करते रहे और पुलिस अफसर गायब रहे। स्थानीय पुलिस अगर मिली हुई थी तो बाकी तंत्र कैसे बेखबर रहा? लोगों का कहना है कि घटना के पीछे पुलिस, नेता व माफिया का गठजोड़ है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो सुबह पांच बजे दर्जनों लोग दो बुलडोजर लेकर आ गए थे। इसके बाद मार्बल दुकान स्वामी आदित्य उपाध्याय के चौकीदार को पीटा, फायरिंग की।
विज्ञापन
3 of 9
मार्बल्स की दुकान में बुलडोजर से की गई थी तोड़फोड़
- फोटो : अमर उजाला
चौकीदार के भागने के बाद बुलडोजर से वहां रखे मार्बल तोड़ दिए गए। दुकान भी तोड़ दी गई। इसमें पांच सीसीटीवी कैमरे लगे थे। सूचना पर पहुंचे दुकान स्वामी व हमलावरों के बीच फायरिंग हुई। एक घंटे तक बवाल चलता रहा और पुलिस का कहीं कोई पता नहीं था। पास में विष्णुधाम कॉलोनी के लोगों के घरों की दीवारों पर गोलियों के निशान घटना की वीभत्सता की गवाही दे रहे हैं।
4 of 9
Firing In Bareilly
- फोटो : अमर उजाला
कई होटलों में ठहरे थे हमलावर, एक सील
पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि हमलावर कई होटलों में ठहरे थे। स्टार होटल के अलावा मुंशीनगर के होटल सीके वैली में केपी यादव, शैलेश व अर्जुन की आईडी लगाकर कमरा नंबर 206 से लेकर 210 तक बुक किए गए थे। इनमें 30 लोग ठहराए गए थे। इसकी फुटेज पुलिस के हाथ लग चुकी है। पुलिस ने रविवार को स्टार होटल में दबिश दी, लेकिन होटल बंद मिला। पुलिस ने होटल को सील कर दिया है।
विज्ञापन
5 of 9
Firing In Bareilly
- फोटो : अमर उजाला
फायरिंग होते ही भाग खड़े हुए पुलिस वाले
शनिवार को पुलिस की मौजूदगी में सुबह छह बजे प्लॉट से कब्जा हटवाया जा रहा था। मौके पर पुलिस मौजूद थी। पुलिस की मौजूदगी में दो बुलडोजर से मार्बल तोड़े जा रहे थे। सवाल तो यह भी उठता है कि अगर पुलिस कब्जा हटवाने गई भी थी तो लाखों रुपये के मार्बल तुड़वाने की इजाजत उसे किसने दी? पुलिस की मौजूदगी में पत्थरों को बुलडोजर से तोड़ने का वीडियो तक वायरल हो रहा है।
विज्ञापन
6 of 9
दुकान स्वामी पिता-पुत्र
- फोटो : अमर उजाला
बताया जा रहा है कि जब दुकानस्वामी मौके पर आया तो पुलिस ने उसे दुकान तक नहीं आने दिया। इसके बाद वह घर गया और लाइसेंसी बंदूक लेकर आया। विरोध के बाद फायरिंग शुरू हो गई। राजीव राणा पक्ष के लोग पहले से ही तैयार थे। पुलिस के सामने ही दर्जनों लड़के प्लॉट पर हाथ में लाठी-डंडे लिए टहल रहे थे। एकाएक फायरिंग शुरू होने पर पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए थे।
विज्ञापन
7 of 9
आरोपी केपी यादव की कार ले जाती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
हमलावरों में रिठौरा के सभासद समेत दो हिस्ट्रीशीटर शामिल
घटना के बाद पुलिस ने हमलावरों की कुंडली खंगालनी शुरू की तो पता चला कि आरोपी केपी यादव व ललित सक्सेना हिस्ट्रीशीटर हैं। कई हमलावर ऐसे हैं, जिन पर कई मुकदमे हैं। घटना में राजीव राणा के बाद रिठौरा के सभासद केपी यादव का नाम सामने आ रहा है। इंस्पेक्टर इज्जतनगर राधेश्याम ने बताया कि केपी यादव हिस्ट्रीशीटर है। उस पर एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे हैं। पुलिस ने रात में ही उसके घर दबिश दी थी।
8 of 9
Bareilly Firing Case
- फोटो : अमर उजाला
राजीव राणा गुट के मठ लक्ष्मीपुर निवासी ललित सक्सेना पर 13 मुकदमे हैं। उसे पुलिस ने शनिवार रात को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। उसके पैर में गोली लगी है। शिवओम श्रीवास्तव हाल निवासी आलीशान बरातघर, बदायूं रोड सुभाषनगर पर दो, ओमकार राठौर निवासी जोगी नवादा पर दो, रविंद्र यादव निवासी मुड़िया अहमदनगर पर छह मुकदमे दर्ज हैं।
मुड़िया अहमदनगर निवासी सनोज पर दो, पंकज गुप्ता निवासी कृष्णानगर कॉलोनी बारादरी पर दो और संदेश निवासी सैनिक कॉलोनी पर दो मुकदमे दर्ज हैं। दुकान स्वामी आदित्य उपाध्याय पर पांच व उसके बेटे अभिराज पर दो मुकदमे दर्ज हैं। सभी पेशेवर अपराधी हैं।