फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: सिस्टम को नचा रहे खूनी भेड़िये... स्पेशल टास्क फोर्स, ड्रोन-ट्रैप कमरे भी असहाय; ये है हमले बढ़ने की वजह

Thu, 29 Aug 2024 02:29 PM IST
शाहरुख खान जितेन्द्र दीक्षित, अमर उजाला, बहराइच
विज्ञापन
1 of 13
wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
बहराइच के महसी तहसील क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में आतंक का पर्याय बने भेड़ियों ने दहशत के मामले में बाघ व तेंदुओं को भी पीछ़े छोड़ दिया है। इस साल जनवरी माह से अब तक तेंदुओं ने चार को निवाला और 17 लोगों को घायल किया है, लेकिन भेड़ियों ने नौ लोगों को निवाला तो वहीं 35 से अधिक लोगों को घायल कर दिया। 

17 जुलाई से 28 अगस्त के बीच ही सात बच्चों को मारा तो 25 को घायल कर दिया। महसी तहसील के हरदी थाना क्षेत्र में तबाही मचाने के साथ ही अब भेड़िया खैरीघाट क्षेत्र में भी सक्रिय हो गए हैं। दहशत का आलम यह है कि हरदी व खैरीघाट से सटे अन्य क्षेत्रों के ग्रामीणों की भी नींद हराम हो गई है।
 
विज्ञापन

2 of 13
हरदी के कोलैला गांव में घर में भेड़िया घुसने की सूचना के बाद लाठी डंडे लेकर खड़े ग्रामीण व पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सिस्टम को नचा रहे खूनी भेड़िये
अभी तक के हालात को देखें तो मात्र चार से छह भेड़िये ही पूरे सिस्टम पर भारी पड़ रहे हैं। 17 जुलाई को हुए हमले के बाद से जिला प्रशासन, पुलिस व वन विभाग लगातार भेड़ियों को पकड़ने व हमले रोकने का दावा कर रहा है, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है। 


 
विज्ञापन

3 of 13
wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
मुख्य वन संरक्षक व वन राज्यमंत्री ने सिर्फ तीन भेड़ियों के होने का दावा किया है। यही तीन भेड़िये बीते 41 दिनों से 32 राजस्व टीमों, 200 से अधिक पुलिसकर्मियों, मंडलीय समेत 10 से अधिक वन टीमों को चकमा दे रहे हैं और लगातार स्थान परिवर्तन कर उन्हें नचा रहे हैं।

4 of 13
wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
मादा भेड़िया के पकड़े जाने के बाद बढ़े हमले
वन विभाग ने तीन अगस्त को एक मादा भेड़िया को पकड़ा था। वन प्रभाग लाते समय उसकी मौत हो गई। इसके बाद भेड़ियों के हमले तेजी से बढ़े। वहीं इसके बाद आठ अगस्त को एक नर व 18 को एक मादा भेड़िया को भी वन विभाग ने पकड़ा, लेकिन हमलों में कोई कमी नहीं आई। हमले बढ़ते ही गए। इसके बाद ग्रामीण झुंड की मुखिया के मौत के बाद बदला स्वरूप हमला करने की भी बात कह रहे हैं।

 
विज्ञापन

5 of 13
wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
स्पेशल टास्क फोर्स, ड्रोन-ट्रैप कमरे भी असहाय
भेड़ियों को पकड़ने के लिए बाराबंकी के डीएफओ आकाशदीप बधावन को स्पेशल टास्क फोर्स के रूप में बुलाया गया। इसके बाद भी भेड़ियों ने रीता देवी, अयांश को निवाला बना लिया और तीन मासूम सहित चार को घायल किया। यही नहीं, भेड़ियों के आगे वन विभाग की ओर से लगाए गए 10 ट्रैप कैमरे, जाल, पिंजरा व ड्रोन कैमरे भी असहाय नजर आ रहे हैं।

 
विज्ञापन

6 of 13
wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
बच्चों की पढ़ाई तो किसानों की खेती भी चौपट
महसी तहसील के गांवों में दहशत का आलम यह है कि किसान छुट्टा मवेशियों से फसल रखवाली के लिए खेत नहीं जा रहे हैं। इससे उनकी फसल मवेशी चट कर रहे हैं। वहीं नौनिहालों की पढ़ाई भी बाधित है। भेड़ियों के डर से अधिकतर अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे हैं। इस बीच जो बच्चे स्कूल जा भी रहे है, तो उनके अभिभावक साथ रह रहे हैं।

 
विज्ञापन

7 of 13
wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
हांका व ड्रोन की आवाज से दिन तो टार्च की रोशनी से कटती रात
भेड़ियों का डर इस कदर व्याप्त है कि लोगों की सुबह हांका व ड्रोन कैमरों की आवाज सुनने से हो रही। वहीं रात भी टार्च की दूधिया रोशनी व हांके की आवाज के बीच जागकर बीत रही है। खूंखार भेड़ियों की दहशत का आलम यह है कि बच्चे दिन के समय भी खेलते नजर नहीं आते हैं।

 

8 of 13
wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
बदले की प्रवृत्ति व कुनबे पर हमले पर हिंसक होता है भेड़िया
कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग के सेवानिवृत्त डीएफओ ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि भेड़िया काफी चालाक और बदले की भावना वाला जानवर है। नदी के कछार में मांद बनाकर स्थानीय जंतुओ का शिकार करता है। मनुष्यों पर बहुत की कम हमले करता है, लेकिन इसमें बदले की प्रबल भावना होती है। उन्होंने बताया कि इनके बच्चे को मारने पर कुनबे का नर या मादा मुखिया उग्र होकर हमले करता है। हरदी में भी हो सकता है किसी ने इनके बच्चे को छति पहुंचाई हो, जिसके बाद से सभी बदले की भावना से हमले कर रहे हों।

 

9 of 13
wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
ट्रैपिंग कैमरे से पता लगाना या मारना बेहतर उपाय
सेवानिवृत्त डीएफओ ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि सबसे पहले कैमरा ट्रैपिंग से हमलावर भेड़िये का पता लगाना होगा। इसके बाद उसे पकड़ना या मुख्य वन संरक्षक से आदेश लेकर हमलावर भेड़िये को मारना बेहतर उपाय होगा, तभी हमलों में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि 1997 में जौनपुर के प्रतापगढ़ व बलरामपुर जिले में इसी तरह भेड़िया ताबड़तोड़ हमले कर रहा था। कई बच्चों को मारने पर प्रमुख वन संरक्षक वन्यजीव से आदेश लेकर भेड़िये को मारा गया था।

 

10 of 13
wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
तेंदुए ने चार को मारा तो 17 को किया घायल
जिले में कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में 19 जनवरी अयोध्यापुरवा निवासी आयशा(11), एक मई को जलिहा में शमा (08), 13 जून धर्मापुर में शाहिद (06) व 12 जुलाई को मनोहरपुरवा में अरविंद कुमार (13) को तेंदुओं ने मारा था। वहीं, इस दौरान तेंदुओं ने अंजलि (08), अर्जुन(07), अयान(04), सलमान (03), रंजना(10), संकटा(55) आदि समेत 17 को घायल किया है।

 

11 of 13
wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
भेड़ियों ने नौ को मारा, 35 को किया घायल
हरदी थाना क्षेत्र में भेड़ियों ने 10 मार्च को मिश्रनपुरवा निवासी सायरा (03) व 23 मार्च को नयापुरवा निवासी छोटू (02) को शिकार बनाया। इस दौरान लगभग 10 लोगों को घायल भी किया, लेकिन 17 जुलाई के बाद हमले तेज कर दिए। भेड़ियों ने खैरीघाट के दीवानपुरवा निवासी अयांश (05), हरदी के कुम्हारन पुरवा निवासी रीता देवी(52), हरदी निवासी खुशबू(05), संध्या(04), कोलैला निवासी किशन(07), नकवा निवासी प्रतिभा (2) व मक्कापुरवा निवासी अख्तर रजा (डेढ़ वर्ष) को मौत के घाट उतार दिया। वहीं कटैलापुरवा निवासी राजपत (08), सुखरामपुरवा निवासी सोनू (8), नथुवापुर निवासी फकीरे (70), संपत (20), सिसैया चूड़ामड़ि निवासी मखाना (80) व सोनम (10), खौरहवा बाबा निवासी छोटेलाल(60), दरैहिया निवासी उत्कर्ष(10), गंगापुरवा निवासी कांति(07), अजीत (12), बैरागीपुरवा निवासी पल्लवी(06), दिव्यांशी (5), अनुराधा (9), किलाची(07), काजल(25), वंश (08), शिवानी(09), हरियाली (06) आदि समेत 25 को घायल कर चुके हैं।

 

12 of 13
wolves attack in up - फोटो : अमर उजाला
आंख बंद करते ही याद आता है बेटा
अयांश मेरे तीन बच्चों में सबसे दुलारा था। उसे मैं पल भर के लिए भी दूर नहीं करती थी। उस दिन भी बिस्तर पर साथ में ही लेटा था, लेकिन दूसरे बच्चे को स्तनपान करवाते समय ध्यान हटा और उसी समय भेड़िया उसे दबोच ले गया। अब जैसे ही आंख बंद करती हूं अयांश का चेहरा सामने आता है। दोनों बच्चों की सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। -पीड़िता रोली (मृतक अयांश की मां)

विज्ञापन

13 of 13
भेड़िया
यूपी के बहराइच जिले में गुरुवार की सुबह वन विभाग की टीम ने एक और भेड़िये को पकड़ लिया। इससे पहले वन विभाग की टीम तीन भेड़ियों को पकड़ चुकी थी। टीम ने उसे पकड़ने के लिए प्लानिंग के साथ पिंजड़ा लगाया था। सुबह 11 बजे करीब भेड़िया उसमें कैद हो गया। अब तक चार भेड़िए पकड़े जा चुके हैं। जिनमें से दो की मौत गई है। वन विभाग के अनुसार अभी भी दो भेड़िए खुले घूम रहे हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें