बहराइच के हरदी थाना क्षेत्र के 32 से अधिक गांवों में डेढ़ माह से अधिक समय से आतंक का पर्याय बने भेड़ियों ने स्थान बदल दिया है। भेड़िये हरदी थाना क्षेत्र से सटे खैरीघाट थाना क्षेत्र के गांवों में दस्तक देने लगे हैं और दो दिनों में एक मासूम को निवाला तो तीन मासूम सहित चार को गंभीर रूप से घायल कर दिया है। इससे जिला प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। साथ ही भेड़िये अब और घातक हो गए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
वन विभाग के साथ जिले की 32 टीमों को चकमा दे रहे भेड़िये
हरदी थाना क्षेत्र के भेड़िया प्रभावित गांवों में हमले तेज होने के बाद डीएम ने प्रभावित सभी 32 गांवों में टीम तैनात कर दी थी। साथ ही 11 अधिकारियों को नोडल बनाया था। वहीं बहराइच डीएफओ अजीत प्रताप के साथ सभी रेंज, कतर्नियाघाट के सभी रेंज, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर की टीमों के साथ डीएफओ बाराबंकी आकाशदीप बधावन को लगाया है।
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ड्रोन कैमरों से निगरानी के साथ-साथ जाल, ट्रैपिंग कैमरा और पिंजरा भी लगा है। इसके बावजूद भेड़िये लगातार चकमा देकर हमले कर रहे हैं और अब उन्होंने स्थान भी बदल दिया है। मंगलवार को सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड व विधायक सुभाष त्रिपाठी ने डीएम से मिलकर भेड़ियों से जुड़े मामले की जानकारी ली व इससे बचाव के लिए हर संभव प्रयास करने की बात कही।
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हाथों में बंदूक लेकर गश्त करते दिखे विधायक
लगातार जारी हमले व दहशत के बीच जिला प्रशासन पूरी क्षमता के साथ भेड़ियों की तलाश कर रहा है। वहीं अब खुद महसी विधायक सुरेश्वर सिंह को भी मोर्चा संभाले देखा जा रहा है। विधायक नियमित प्रभावित गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों और अधिकारियों के साथ गश्त कर रहे हैं। रविवार को उन्हें खुद व कार्यकर्ताओं को हाथों में बंदूक लेकर गश्त करते देखा गया।
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आबादी से दूर रखने को हाथी के गोबर व मूत्र का प्रयोग
भेड़ियों को आबादी से दूर रखने के लिए वन विभाग नए-नए तरीके अपना रहा है। वन विभाग द्वारा भेड़िया प्रभावित गांवों में हाथी के गोबर व मूत्र का प्रयोग भी किया जा रहा है। ताकि इसकी गंध से हाथी के मौजूदगी का अहसास हो और भेड़िये आबादी से दूर रहें।
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गतिविधि-पगमार्ग जांच के साथ मंगवाए आईआर ड्रोन
भेड़ियों को पकड़ने के लिए स्पेशल बाराबंकी से बुलाए गए डीएफओ आकाशदीप बधावन ने बताया कि भेड़ियों की गतिविधि, पगमार्ग की बारीकी से जांच की जा रही है। साथ ही 24 घंटे नजर रखने के लिए एक आईआर ड्रोन मंगवाया गया है। चार्जिंग बैकप के साथ 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
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दो महीने में सात की ले चुके हैं जान
खैरीघाट थाना क्षेत्र के दीवानपुरवा निवासी अयांश (5) को निवाला बनाने से पूर्व भेड़िया हरदी थाना क्षेत्र के कुम्हारन पुरवा निवासी रीता देवी(52), हरदी क्षेत्र निवासी खुशबू (5), संध्या (4), सिसैया चूरामणि के मजरा कोलैला निवासी किशन(7), नकवा निवासी प्रतिभा (2) व मक्कापुरवा निवासी अख्तर रजा (डेढ़ वर्ष) को निवाला बना चुका है। यहीं नहीं कटैलापुरवा निवासी राजपत (8), सुखरामपुरवा निवासी सोनू (8), नथुवापुर निवासी फकीरे (70) व फकीरे की बहू संपत (20), सिसैया चूड़ामड़ि निवासी मखाना (80) व सोनम (10), खौरहवा बाबा निवासी छोटेलाल(60), दरैहिया निवासी उत्कर्ष(10), गंगापुरवा निवासी कांति (7), अजीत (12), बैरागीपुरवा निवासी पल्लवी(6), दिव्यांशी (5), अनुराधा (9), किलाची (7), काजल (25), वंश (8), शिवानी(9), हरियाली (6) समेत 25 को घायल कर चुका है।
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हर स्तर पर जांच व कार्रवाई जारी है
रीता की मौत प्रथम दृष्टया संदिग्ध लग रही है। 60 किलो की महिला को भेड़िया द्वारा उठाना समझ से परे है। हर पहलू की बारीकी से जांच के साथ भेड़ियों की तलाश की जा रही है। वहीं खैरीघाट थाना क्षेत्र में अयांश की मौत के बाद सतर्कता व गश्ती बढ़ा दी गई है। -अजीत प्रताप सिंह, डीएफओ बहराइच
खैरीघाट क्षेत्र में बढ़ाई जा रही टीमें
हरदी थाना क्षेत्र के प्रभावित गांवों में टीमें लगाई गई थी। जिससे वहां घटनाएं बंद हो गई हैं। भेड़िया अब खैरीघाट क्षेत्र में हमले कर रहा है। इधर तत्काल टीमें लगाई जा रही हैं। वन टीम के साथ-साथ राजस्व व पुलिस टीमें लगाई गई हैं। हमलावर भेड़ियों को अब शूटआउट करने की प्रक्रिया अपनाने की तैयारी भी की जा रही है। -डीएम मोनिका रानी