उत्तर प्रदेश का बहराइच जिला हिंसा की आग में जल उठा। रविवार और सोमवार को जमकर बवाल हुआ। हंगामा, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। बाइक शोरूम, अस्पताल और कई घरों को फूंक दिया गया। इस दौरान उपद्रवियों ने जमकर उत्पात मचाया।
जिले की कप्तान आईपीएस अधिकारी वृंदा शुक्ला खुद सड़कों पर उतरीं और उपद्रव करन वालों से सीधा मोर्चा लिया। इसके बाद एसपी वृंदा शुक्ला सुर्खियों में हैं। इससे पहले एसपी वृंदा शुक्ला मुख्तार अंसारी की बहू को गिरफ्तार करके चर्चा में आई थीं। आइए जानते हैं कि वृंदा शुक्ला के बारे में।
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बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला
- फोटो : एएनआई
ये मामला
बहराइच की महसी तहसील के महराजगंज कस्बे में रविवार शाम को गाने को लेकर हुए विवाद के बाद दो सामुदाय आमने-सामने आ गए। इस दौरान दूसरे समुदाय के युवकों ने पथराव शुरू कर दिया। इससे दुर्गा प्रतिमा खंडित होने पर पूजा समिति के सदस्यों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि दूसरे समुदाय के लोग दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा में शामिल युवक रामगोपाल मिश्रा (24) को घर के अंदर घसीट ले गए, पिटाई के बाद उसे गोली मार दी। युवक की हत्या के बाद विवाद ने और उग्र रूप ले लिया। रविवार की रात को भारी बवाल हुआ।
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बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला
- फोटो : X/vrindashukla
रातभर उपद्रवियों ने कई जगह तोड़फोड़ की, साथ ही वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। हालात पर काबू पाने के लिए एसपी वृंदा शुक्ला ने बहादुरी दिखाई और खुद मोर्चा संभाल लिया। हिंसा की चपेट में आए इलाकों में जाकर वो खुद हालात पर नियंत्रण करने की कवायद करती रहीं। उनका साथ जिले की जिलाधिकारी मोनिका रानी ने भी बखूबी निभाया।
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बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला
- फोटो : अमर उजाला
कौन हैं वृंदा शुक्ला
वृंदा शुक्ला साल 2014 बैच की आईपीएस अफसर हैं। मूल रूप से हरियाणा के पंचकूला की रहने वाली वृंदा शुक्ला का जन्म 13 मार्च 1989 को हुआ था। वृंदा की शुरुआती पढ़ाई-लिखाई पंचकूला में हुई। इसके बाद महाराष्ट्र के पुणे में हायर एजुकेशन के लिए गई, यहां महिंद्रा यूनाइटेड वर्ल्ड कॉलेज ऑफ इंडिया से ग्रेजुएशन पूरी की। इसके बाद वृंदा ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड सोशल साइंस से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। यूपी पुलिस की वेबसाइट पर दी जानकारी के अनुसार, वृंदा शुक्ला ने इकोनॉमिक्स, इंटरनेशनल स्टडीज और फ्रेंच लिटरेचर की पढ़ाई की हुई है। इसके बाद वृंदा ने कुछ समय के लिए अमेरिका की एक कंपनी में कार्य भी किया था। लेकिन इस काम में उनका मन नहीं लगा तो वो भारत आ गईं और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी।
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बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला
- फोटो : एएनआई
दूसरे प्रयास में मिली कामयाबी
वृंदा शुक्ला को पहली बार में UPSC की परीक्षा में कामयाबी नहीं मिली, लेकिन दूसरे प्रयास में उन्होंने UPSC की परीक्षा पास की, इसके साथ ही वृंदा शुक्ला को आईपीएस कैडर भी मिल गया। 2014 में वह आईपीएस बन गईं। 22 दिसंबर 2014 को वृंदा ने पुलिस की नौकरी ज्वाइन कर ली। शुरुआत में वृंदा को नागालैंड कैडर का आईपीएस नियुक्त किया गया था। साल 2022 में वह उत्तर प्रदेश कैडर की आईपीएस हो गईं।
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बहराइच एसपी वृंदा शुक्ला
- फोटो : सोशल मीडिया
मुख्तार अंसारी की बहू को गिरफ्तर कर चर्चा में आईं
वृंदा शुक्ला साल 2023 में उस समय चर्चा में आईं, जब उन्होंने माफिया मुख्तार अंसारी की बहू को अरेस्ट किया था। वृंदा शुक्ला उन दिनों चित्रकूट जिले की कप्तान थीं। चित्रकूट जेल में माफिया मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास बंद था। अब्बास की पत्नी निकहत रोज उससे जेल में मिलने आती थी। चार से पांच घंटे का समय वह अब्बास के साथ जेल में ही बिताती थी।
जेल में आने और जाने वाले रजिस्टर में भी निकहत की यह एंट्री दर्ज नहीं होती थी। इसके अलावा, बिना अनुमति के निकहत मोबाइल भी रखती थी। इसकी सूचना मिलने पर कप्तान वृंदा और जिलाधिकारी अभिषेक आनंद प्राइवेट वाहन से जेल पहुंचे और औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान जेल में निकहत और उसका ड्राइवर मिला, एसपी के निर्देश पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले के बाद वह काफी सुर्खियों में आईं थीं। अब बहराइच हिंसा में फिर से चर्चा में हैं।