मौके पर पुलिसकर्मी।
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आरोप है कि सूचना देने के बाद भी वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इससे आक्रोशित लोगों ने हंगामा भी किया। बाद में मामला बढ़ता देख डीएफओ वंदना फोगाट, वन रेंजर सुनेंद्र सिंह, वन रक्षक संजय, मोहित, वन कर्मी विकास आदि मौके पर पहुंचे। बाद में वर्ल्ड लाइफ मेरठ से कमलेश, धर्मेंद्र ढाका आदि को बुलाया गया। साथ में इसकी सूचना पर पशु पालन विभाग से पशु चिकित्साधिकारी बड़ौत आशुतोष गुप्ता, रोहित तोमर, बिनौली से पशु चिकित्साधिकारी अक्षय बालियान मौके पर पहुंचे। स्थानीय पुलिस को भीड़ दूर करने के लिए बुलाया गया। तब जाकर तकरीबन 10 घंटे के चले रेसक्यू आपरेशन के बाद तेंदुआ पकड़ा गया।