गांव फरीदपुर भोगी निवासी मोनिका ने फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट से पता चला कि उसे क्राइम ब्रांच अफसर बनकर धमकाया गया और रुपयों की मांग करते हुए जिंदगी खराब करने की धमकी दी गई।
विज्ञापन
1 of 5
मोनिका की फाइल फोटो और सुसाइड नोट।
- फोटो : अमर उजाला
बिजनौर जिले में साइबर अपराध का अब तक का सबसे क्रूर मामला सामने आया है। इस बार साइबर अपराधियों ने पैसे नहीं, एक महिला की जान ले ली। कई दिन तक साइबर अपराधियों ने उसे डिजिटल अरेस्ट रखा। इतना डराया, धमकाया कि शादी की सालगिरह से एक दिन पहले कोतवाली शहर के गांव फरीदपुर भोगी निवासी 28 वर्षीय मोनिका ने फांसी लगाकर जान दे दी।
विज्ञापन
2 of 5
सुसाइड नोट का दूसरा पेज।
- फोटो : अमर उजाला
कोतवाली शहर के गांव फरीदपुर भोगी निवासी मोनिका पत्नी रणधीर ने सोमवार रात घर में बने एक कमरे में दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह उसके पास सोई दोनों बेटियां जिया (8), नंदनी (11) उठीं तो मां को दुपट्टे से लटका पाया। उनकी चीखें सुनकर परिजन आ गए। सूचना पर मायके वाले भी पहुंचे। शुरुआत में मामला किसी स्थानीय लड़के से जुड़ा होने की आशंका हुई तो परिजन भी लोकलाज के डर से उसका अंतिम संस्कार करने बैराज ले गए।
मोनिका ने भतीजे संयोग ने बताया कि एक तरफ अंतिम संस्कार चल रहा था, दूसरी ओर मोनिका के मोबाइल पर लगातार घंटी बज रही थी। मोबाइल संयोग के पास ही था। जब उसने फोन उठाया तो वीडियो कॉल पर एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था। उसने खुद को क्राइम ब्रांच से बताया। मोनिका से बात कराने को कहा और बात न कराने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
विज्ञापन
3 of 5
मोनिका का फोन देखते उनके गमजदा पति।
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान सभी रिश्तेदारों का शक साइबर अपराध की ओर गया। श्मशान घाट से आने के बाद मंगलवार शाम को कमरे में तलाशी ली तो एक डायरी में रखा सुसाइड नोट मिला। उसमें मोनिका ने एक लड़के द्वारा परेशान करने, ब्लैकमेल करने की बात लिखी थी। मोनिका का मोबाइल दोबारा चेक किया तो व्हाट्सएप पर पांच ऐसे नंबर मिले, जिन पर ऑडियो कॉल, मिस कॉल, मैसेज पड़े थे। इनमें कोई खुद को क्राइम ब्रांच से बता रहा था तो किसी ने मोनिका पर तस्करी का आरोप लगाया। बुधवार को मोनिका के परिजनों ने पुलिस को तहरीर सौंपी और कार्रवाई की मांग की।
4 of 5
मोनिका की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
साइबर ठगों ने पति को जेल भेजने, परिजनों के अहित की धमकी दी
बुधवार को ग्राम फरीदपुर भोगी में घर पर ही मोनिका के जाने के शोक में पूरा परिवार डूबा हुआ था। सभी दुख जता रहे थे कि आखिर क्यों मोनिका ने किसी को यह बात नहीं बताई। साइबर अपराधी बुधवार तक भी उसके मोबाइल पर कॉल करके मोनिका से बात कराने की धमकी देते रहे। बात नहीं कराने पर उसके पति रणधीर को जेल भेजने, उसके पूरे परिवार की जानकारी होने की बात कहकर अहित करने की बात करते रहे।
रणधीर ने बताया कि मैसेज चेक पर पता चला कि साइबर अपराधी फोन पर उसका वही आधार कार्ड दिखा रहे थे, जो मोनिका के मोबाइल की फोटो गैलरी में था। व्हाट्सएप पर उसके करीब 20 रिश्तेदारों के नंबर साइबर अपराधियों ने धमकाने के लिए भेजे।
ये बोले एसपी
इस मामले में परिजनों से पूछताछ की गई। मामला साइबर अपराध से ही जुड़ा हुआ लग रहा है। परिजनों की तहरीर पर शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। जांच के लिए टीम में भी गठित की जा रही हैं। - अभिषेक झा, एसपी बिजनौर