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आतंकी कनेक्शन: 10 साल से घर नहीं गया तुषार चौहान, सहवाग क्रिकेट एकडमी से जुड़ा नाम, परिवार ने तोड़ा रिश्ता

Fri, 24 Apr 2026 03:21 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

बागपत के रमाला गांव का रहने वाला तुषार चौहान उर्फ मोनू उर्फ हिजबुल्ला अली आतंकी गतिविधियों के कनेक्शन में नोएडा से पकड़ा गया है। यूपी एटीएस की जांच में टारगेट किलिंग साजिश से जुड़े चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं।

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बागपत के रमाला में तुषार चौहान का पैतृक आवास - फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के रमाला गांव का रहने वाला युवक तुषार चौहान उर्फ मोनू उर्फ हिजबुल्ला अली आतंकी गतिविधियों के कनेक्शन में नोएडा से पकड़ा गया है। यूपी एटीएस की इस कार्रवाई के बाद गांव में सनसनी फैल गई है और लोग इस खबर से स्तब्ध हैं। जांच एजेंसियां अब उसके संपर्कों और गतिविधियों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

यह भी पढ़ें:Terror Link: दादा रहे स्वतंत्रता सेनानी, आतंकी गतिविधि में पकड़ा गया पोता, 8वीं के बाद तुषार ने छोड़ी थी पढ़ाई 
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बागपत के रमाला में तुषार चौहान का पैतृक आवास - फोटो : अमर उजाला
आठवीं के बाद छोड़ दी पढ़ाई, दस साल से नहीं आया गांव
ग्रामीणों के अनुसार तुषार चौहान ने आठवीं कक्षा तक मेरठ में पढ़ाई की थी, लेकिन इसके बाद उसने स्कूल जाना छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि पिछले करीब दस वर्षों से वह अपने पैतृक गांव रमाला भी नहीं आया था। उसका परिवार मेरठ के गंगानगर क्षेत्र में रहकर अपना कामकाज करता है।

तुषार के दादा गोवर्धन सिंह स्वतंत्रता सेनानी रहे थे, जबकि उसके पिता शैलेंद्र मेरठ में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। गांव में उसके चाचा खेती-बाड़ी करते हैं और समय-समय पर जमीन के ठेके की उगाही लेने गांव आते रहे हैं।
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बागपत के रमाला में तुषार चौहान का पैतृक आवास - फोटो : अमर उजाला
परिवार ने तोड़ा रिश्ता, गांव में खंडहर हो चुका पैतृक घर 
तुषार के पकड़े जाने की खबर सामने आने के बाद परिवार ने उससे रिश्ता तोड़ने की बात कही है। चाचा और ग्रामीणों का कहना है कि उनका उससे अब कोई संबंध नहीं है।

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बागपत के रमाला में तुषार चौहान का पैतृक आवास - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में स्थित उनका पैतृक मकान भी अब खंडहर में तब्दील हो चुका है और परिवार का गांव से संपर्क काफी कम हो गया था। परिवार की ओर से यह भी कहा गया है कि तुषार मानसिक रूप से अस्थिर था।
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बागपत के रमाला में तुषार चौहान का पैतृक आवास - फोटो : अमर उजाला
संदिग्ध थीं गतिविधियां, टारगेट किलिंग साजिश की जांच
एटीएस की जांच में तुषार का नाम टारगेट किलिंग की साजिश से जुड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार वह पहले भी आपत्तिजनक पोस्ट के मामले में जेल जा चुका है और उसकी गतिविधियां पहले से ही एजेंसियों के रडार पर थीं।
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बागपत के रमाला में तुषार चौहान का पैतृक आवास - फोटो : अमर उजाला
सहवाग क्रिकेट एकेडमी में भी कर चुका प्रैक्टिस
ग्रामीणों के अनुसार तुषार ने कुछ समय के लिए सहवाग क्रिकेट एकेडमी में करीब दो महीने तक क्रिकेट की प्रैक्टिस भी की थी। बताया जा रहा है कि 20 फरवरी को तुषार अपने पिता के साथ गांव आया था, जहां उसने अपनी भतीजी छाया की तेरहवीं में हिस्सा लिया और ठेके पर दी गई जमीन के पैसे भी लेकर गया था।

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद गांव में चर्चा का माहौल है और लोग हैरान हैं कि गांव का युवक आतंकी गतिविधियों से कैसे जुड़ गया।
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