Meerut News: वेस्ट यूपी में पिछले चार दिन से गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, सहारनपुर, शामली, बिजनौर समेत वेस्ट यूपी में 24 व 25 अप्रैल को तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है।
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तेज गर्मी में बेगमपुल से गुजरती युवतियां।
- फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अप्रैल के महीने में ही गर्मी अपने तेवर दिखा रही है। आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ने के आसार हैं, जिससे आमजन के साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
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कमिश्ननरी चौराहे से गुजरती महिला व बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अप्रैल माह में ही भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अगले पांच दिनों तक पूरे क्षेत्र में मौसम शुष्क बना रहेगा। 24 और 25 अप्रैल को लू चलने की प्रबल संभावना है, जिससे तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। बुधवार सुबह से ही धूप तेज निकली, जिस कारण गर्मी तेज रही। दोपहर में भीषण गर्मी और लू के असर के कारण सड़कें सूनी दिखाई दीं।
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गर्मी से परेशान छात्राएं।
- फोटो : अमर उजाला
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही ने बताया कि तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते दिन के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। खासकर दोपहर के समय लू का असर अधिक रहेगा। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।
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गर्मी से परेशान स्कूली बच्ची।
- फोटो : अमर उजाला
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एयर क्वालिटी इंडेक्स 281 दर्ज किया गया। गंगानगर में 225, जयभीम नगर में 267, एमएमआईईटी कॉलेज के पास 350, पल्लवपुरम में 280, बेगमपुल पर 271, दिल्ली रोड पर 279 एयर क्वालिटी इंडेक्स दर्ज किया गया।
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ऐसे किया धूप से बचाव।
- फोटो : अमर उजाला
क्यों बढ़ी अप्रैल में गर्मी?
मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही के अनुसार इस बार अप्रैल में असामान्य गर्मी की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ की कमी और लगातार साफ आसमान है। बादलों की अनुपस्थिति के कारण सूर्य की सीधी किरणें धरती को तेजी से गर्म कर रही हैं। इसके अलावा शुष्क हवाएं और नमी की कमी भी तापमान बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से मौसम के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे गर्मी का दौर पहले ही शुरू हो गया है।
किसानों के लिए सलाह
कृषि विशेषज्ञ डॉ . आरएस सेंगर ने किसानों को सलाह दी है कि खड़ी फसलों में हल्की सिंचाई कर मिट्टी में नमी बनाए रखें, ताकि फसल पर गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव कम हो। साथ ही पशुओं को छायादार स्थान पर रखें और पर्याप्त पानी की व्यवस्था करें। चिकित्सक भी लू से बचाव के लिए दिन में ज्यादा देर तक धूप में न रहने, सिर ढककर बाहर निकलने और पानी का अधिक सेवन करने की सलाह दे रहे हैं।