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Disha Patani Firing Case: आखिर क्या है बागपत कनेक्शन? दो शूटर पकड़े, दो मुठभेड़ में हुए ढेर, सदमे में परिवार

Fri, 19 Sep 2025 01:23 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत

सार

Disha Patani Firing Case: बरेली में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग केस का बड़ा खुलासा हुआ है। पकड़े गए दो शूटर पश्चिमी यूपी के रहने वाले हैं। इससे पहले दो बदमाश रविंद्र और अरुण मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। परिवार वाले बेटे को निर्दोष बता रहे हैं, जबकि पुलिस गैंग के कनेक्शन की जांच कर रही है।

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दिशा पाटनी के घर फायरिंग मामला, आरोपी विजय की दादी दांए - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश के बरेली में 11 सितंबर की रात अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर के पास अचानक गोली चलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। हालांकि ये सिर्फ हवाई फायर था, लेकिन धमाके की आवाज ने लोगों को चौंका दिया। उस वक्त परिवार को कुछ पता नहीं चला।

सुबह पड़ोसियों ने जब कारतूस का खोखा दिखाया तो लोग समझ पाए कि रात में फायरिंग हुई थी। पुलिस को शुरुआती जांच में कारतूस के खोखे और स्थानीय लोगों के बयान से जानकारी मिली। इस घटना ने साफ कर दिया कि शूटर्स सिर्फ चेतावनी देना चाहते थे, लेकिन इसके पीछे बड़ी साजिश थी।

दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग ने सिर्फ बरेली ही नहीं, बल्कि पश्चिमी यूपी के बागपत जिले को भी सुर्खियों में ला दिया। जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश के धागे बागपत से जुड़ रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने जिन दो शूटरों नकुल और विजय को गिरफ्तार किया, वे मूल रूप से बागपत के रहने वाले हैं। इससे जिले का नाम सीधे इस हाई-प्रोफाइल केस में आ गया।
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दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग का मामला - फोटो : अमर उजाला
दोनों शूटर पर था एक-एक लाख का इनाम
दिल्ली पुलिस ने नकुल और विजय नाम के दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से हथियार भी बरामद किए गए। बरेली पुलिस ने पहले ही इन पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। गिरफ्तारी बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस अब दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी ताकि गैंग की साजिश का खुलासा हो सके। गिरफ्तारी के बाद पूरे मामले ने और तूल पकड़ लिया है क्योंकि इसमें बागपत कनेक्शन सामने आया है।

गांव-गांव में चर्चा है कि आखिर कैसे बागपत का युवा इतना बड़े गैंग से जुड़ गया और फिल्म अभिनेत्री के घर फायरिंग जैसी वारदात का हिस्सा बन गया। यह घटना बागपत के लोगों के लिए चौंकाने वाली है क्योंकि जिले की छवि अब एक बड़े गैंग और माफिया कनेक्शन से जोड़ी जा रही है।
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दिशा पाटनी के घर की सुरक्षा बढ़ाई गई - फोटो : अमर उजाला

नकुल और विजय पर पहले दिन फायरिंग का आरोप
गिरफ्तार नकुल और विजय बागपत जिले के रहने वाले हैं। इससे यूपी में इस मामले की गूंज और तेज हो गई। जांच में सामने आया कि 11 सितंबर की रात पहली बार फायरिंग इन्हीं दोनों ने की थी।

इनका संबंध कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बरार और रोहित गोदारा गिरोह से बताया जा रहा है। बागपत में इनके गांवों की चर्चा अब हर जगह है और लोग हैरान हैं कि स्थानीय युवक कैसे गैंग का हिस्सा बन गए।

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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग का मामला - फोटो : अमर उजाला
परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
गैंग ने अगले दिन रविंद्र और अरुण को फायरिंग का आदेश दिया। इन दोनों ने दहशत फैलाने के लिए सीधी गोली चलाई। बरेली और एसटीएफ की टीम ने तुरंत कार्रवाई की और गाजियाबाद में हुई मुठभेड़ में दोनों को मार गिराया।

दोनों शूटरों के पास से अवैध हथियार भी बरामद हुए, जिससे उनकी गैंग में सक्रियता साफ हुई। पुलिस की इस कार्रवाई को बड़ी कामयाबी माना गया, लेकिन बागपत में अरुण के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग का मामला - फोटो : अमर उजाला
मां सविता बोली- कब अपराधी बन गया बेटा, भनक तक न लगी
शिकूपुर गांव का रहने वाला अरुण हरियाणा में परिवार के साथ रह रहा था। मुठभेड़ में उसकी मौत की खबर आते ही गांव में मातम पसर गया। उसकी मां सविता देवी बार-बार बेसुध हो रही हैं और कह रही हैं कि बेटे के अपराधी बनने की भनक तक नहीं लगी।

पिता राजेंद्र का कहना है कि अरुण बीमार था और इलाज करा रहा था, वह कभी अपराध की राह पर नहीं था। गांववालों और पड़ोसियों ने भी यही कहा कि अरुण का कोई आपराधिक इतिहास नहीं था, उसकी मौत परिवार के लिए सदमा है।
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दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग (लाल घेरे में छर्रे के निशान) - फोटो : अमर उजाला

विजय की दादी ने जताया एनकाउंटर का डर
आरोपी विजय की दादी प्रकाशी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि खेत से बेटे और पोते को जबरन उठा ले जाया गया। बाद में ही मीडिया से पता चला कि विजय पर फायरिंग का आरोप है और पुलिस उसे बदमाश बता रही है।

परिवार का आरोप है कि पुलिस कभी भी मुठभेड़ का हवाला देकर विजय की हत्या दिखा सकती है। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच की मांग की और कोतवाली बड़ौत में शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।

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दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग के निशान - फोटो : अमर उजाला
विजय और नकुल का जिले में नहीं कोई आपराधिक रिकॉर्ड
बागपत पुलिस का कहना है कि न तो विजय और न ही नकुल के खिलाफ जिले में कोई आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। सीओ बड़ौत विजय कुमार ने भी साफ किया कि दोनों का पुलिस रिकॉर्ड क्लीन है।
हालांकि दिल्ली और यूपी पुलिस की संयुक्त जांच में इनके गैंग कनेक्शन की पुष्टि की जा रही है।  फिलहाल गांव में पुलिस चौकसी बढ़ा दी गई है और लोग इस मामले के सच सामने आने का इंतजार कर रहे हैं।
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