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Baghpat: अधिवक्ता ने किया आत्मदाह का प्रयास, तहसीलदार, दो दरोगा समेत सात के ऊपर डीजल डाला; जानें पूरा मामला

Tue, 07 Apr 2026 08:47 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बागपत

सार

कोर्ट के आदेश पर बागपत के राष्ट्र वंदना चौक पर तहसीलदार व पुलिसकर्मी दुकानें खाली कराने पहुंचे थे। एक किराएदार अधिवक्ता उमेश ने खुद पर डीजल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है। 
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डीजल से नहाया अधिवक्ता और पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
एडीएम न्यायालय के आदेश पर मंगलवार शाम को शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर दुकान खाली कराने गए तहसीलदार अभिषेक सिंह और पुलिसकर्मियों के सामने किराएदार सोमनाथ के बेटे अधिवक्ता उमेश ने आत्मदाह का प्रयास किया। वह बोतल से अपने ऊपर डीजल डालने लगा तो उसे रोकने आगे बढ़े तहसीलदार व दो दरोगाओं समेत सात लोगों के ऊपर भी डीजल डाल दिया। पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ से माचिस छीनकर आत्मदाह करने से रोका। उसके समेत कई को हिरासत में लेकर दुकानों पर सील लगाई।
 
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अधिवक्ता उमेश से बोतल छीनती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
एडीएम न्यायालय के आदेश पर दुकानों को खाली कराने के लिए मंगलवार को तहसीलदार अभिषेक सिंह पुलिस बल के साथ शहर के राष्ट्र वंदना चौक पर पहुंचे और दुकान खाली कराने लगे। बताया गया कि दुकान शहनाज खुसरो की है, जो उन्होंने सोमनाथ को वर्ष 1967 में किराए पर दी थी। अब वह अपनी दुकान खाली कराने चाहते थे और दुकान खाली करने के लिए कई बार कहा गया, लेकिन दुकान खाली नहीं की। इसके बाद दूसरे व्यक्ति को किराए पर दे दी गई, जो उसमें ढाबा चला रहा था।
 
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तहसील की टीम से किराएदारों की नोकझोंक। - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2013 में शहनाज खुसरो पक्ष की तरफ से एडीएम न्यायालय में वाद दायर कराया गया। इसमें सुनवाई के बाद शहनाज खुसरो के पक्ष में एक सप्ताह पहले फैसला सुनाया और दुकान खाली कराने के आदेश जारी कर दिए। तहसीलदार और पुलिसकर्मी दुकान खाली कराने लगे तो वहां आए किराएदार सोमनाथ के बेटे अधिवक्ता उमेश ने विरोध करते हुए हंगामा किया। इसको लेकर तहसीलदार के साथ नोकझोंक हो गई। तभी उमेश ने आत्मदाह करने की चेतावनी देते हुए बोतल से खुद पर डीजल छिड़कना शुरू कर दिया।
 

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दरोगा की आंख में भी डीजल गिर गया। - फोटो : अमर उजाला
पुलिसकर्मियों ने उसके हाथ से बोतल और माचिस छीनने का प्रयास किया तो डीजल तहसीलदार, दरोगा सारिक, मनजीत, सिपाही संदीप समेत सात लोगों के ऊपर भी डाल दिया। पुलिसकर्मी हंगामा कर रहे अधिवक्ता उमेश, ढाबा संचालक विक्की समेत कई लोगों को पकड़कर कोतवाली ले जाने लगे। उनको लेकर जाते हुए अधिवक्ता की पत्नी व अन्य परिवार वालों ने हंगामा कर दिया। उनकी पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई। इसके बाद तहसीलदार ने दुकान पर सील लगा दी।

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हंगामा करतीं घर की महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
ढाबे पर भट्ठी जली होती तो हो सकता था बड़ा हादसा
ढाबे पर इस समय गैस सिलिंडर नहीं होने के कारण भट्ठी जलाई जा रही थी। जिस समय वहां हंगामा हुआ और सभी के ऊपर डीजल डाला गया, तब वहां भट्ठी बंद थी। भट्ठी जली होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। 

दूसरी दुकान भी खाली कराई
राष्ट्र वंदना चौक पर हंगामे के बाद तहसीलदार अभिषेक सिंह मेरठ रोड पर दूसरी दुकान खाली कराने पहुंच गए। वहां पर मामूली विरोध के बाद दुकान खाली करा दी गई। इसके बाद देर रात तीसरी दुकान खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

ये बोले तहसीलदार
न्यायालय में मामला चल रहा था। इसमें तीन दुकानों को खाली कराने के आदेश जारी किए गए थे। किराएदार और उसके परिवार वालों ने हंगामा किया। इसमें कार्रवाई कराई जाएगी।
 अभिषेक सिंह, तहसीलदार, बागपत
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