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सामने आया बड़ा खेल: अफसरों ने खूब भरी जेब, पोल खुली तो अधिकारियों में मचा हड़कंप, देखिए तस्वीरें

Mon, 01 Nov 2021 08:50 PM IST
कपिल kapil मुकेश पंवार, अमर उजाला ब्यूरो, बागपत

सार

बागपत जिले में एक बड़ा गड़बड़झाला सामने आया है। यहां अधिकारियों ने भ्रष्टाचार कर खूब जेब भरी है। अब पोल खुली तो डीपीआरओ ने पूरे मामले में जांच बैठा दी है। वहीं छह ब्लॉक के बीडीओ को एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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बागपत में भष्टाचार का मामला सामने आया है। - फोटो : amar ujala
उत्तर प्रदेश में बागपत जनपद की 150 ग्राम पंचायतों में भारतीय प्रमाणीकरण संस्थान के मानकों को दरकिनार कर नॉन इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाने में 1.6 करोड़ का खेल सामने आया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीआरओ ने पूरे मामले में जांच बैठा दी है। जनपद के सभी छह ब्लॉक के बीडीओ को एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

जनपद में 244 ग्राम पंचायतें हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार दो साल में जनपद की 150 ग्राम पंचायतों में इंटरलॉकिंग टाइल्स से रास्तों के निर्माणों में करीब 4.5 करोड़ रुपयों की धनराशि खर्च हुई है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से लगभग 1.60 करोड़ की इंटरलॉकिंग टाइल्स मानकों को दरकिनार कर खपा दी गई है। इस गड़बड़झाले में ठेकेदार से लेकर ग्राम सचिव सहित ग्राम प्रधान व विभागीय अफसरों ने जेबें भरी है। अब मामला उजागर हुआ तो विभागीय अफसरों में हड़कंप मच गया। फिलहाल डीपीआरओ बनवारी सिंह ने पूरे मामले में जांच बैठा दी है। बागपत, बड़ौत, छपरौली, बिनौली, पिलाना और खेकड़ा के बीडीओ को एक सप्ताह के अंदर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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इंटरलॉकिंग टाइल्स - फोटो : amar ujala
जनपद में है 14 लाइसेंस धारक ठेकेदार
जनपद में लगभग 14 लाइसेंस धारक ठेकेदार हैं, जो भारतीय प्रमाणीकरण संस्थान मार्का से बनी इंटरलॉकिंग टाइल्स बनाने का काम करते हैं। यह ठेकेदार हर साल विभाग में लगभग 1.10 लाख रुपये राजस्व भी जमा करते हैं। इन लाइसेंस धारक ठेकेदारों के पास लैब टेस्टिंग की भी व्यवस्था होती है, जिसमें टाइल्स की गुणवत्ता की जांच की जाती है। मगर, इसके विपरीत जनपद में ऐसे बहुत से ठेकेदार हैं, जिनके पास न तो लाइसेंस है, न ही लैब टेस्टिंग व्यवस्था और न ही विभाग में किसी प्रकार का राजस्व जमा करते हैं।
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टाइल्स - फोटो : amar ujala
नॉन आईएसआई इंटरलॉकिंग टाइल्स गुणवत्ता में आधी
खंड विकास मुख्यालय बड़ौत पर तैनात अवर अभियंता लघु सिंचाई अमित देशवाल ने बताया कि भारतीय प्रमाणीकरण संस्थान के मानकों के अनुसार इंटरलॉकिंग टाइल्स का वजन 4.8 किलोग्राम होता है। इस टाइल्स की मोटाई 80 मिलीमीटर होती है, जिसकी कीमत लगभग 15 रुपये प्रति पीस होती है। इंटरलॉकिंग टाइल्स तैयार करते वक्त उस पर भारतीय प्रमाणीकरण संस्थान मार्का मुहर लगाई जाती है।

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टाइल्स - फोटो : amar ujala
मगर, भारतीय प्रमाणीकरण संस्थान के मानकों को दरकिनार कर जो इंटरलॉकिंग टाइल्स तैयार कर ग्राम पंचायतों में लगाई जा रही है, उसका वजन 4.60 किलोग्राम है और मोटाई 75 मिलीमीटर के लगभग है। बाजार में ये नॉन भारतीय प्रमाणीकरण संस्थान मार्का टाइल्स लगभग नौ से दस रुपये में आती है।
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टाइल्स बनाने की मशीन। - फोटो : amar ujala
मामला संज्ञान में आने के बाद प्रकरण में जांच बैठा दी गई है। सभी छह ब्लॉक बागपत, बड़ौत, छपरौली, बिनौली, पिलाना और खेकड़ा के बीडीओ को एक सप्ताह के अंदर आख्या देने के निर्देश दिए गए है। - बनवारी सिंह, डीपीआरओ
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