UP Amethi Crime News: यूपी के अमेठी में शिक्षक परिवार की हत्या के मामले में नई जानकारी सामने आई हैं। अब शिक्षक सुनील के दोस्त ने कई चौंकाने वाले राज खोले हैं। वहीं, अमेठी के शिवरतनगंज इलाके के अहोरवा भवानी में हुए शिक्षक परिवार हत्याकांड में पुलिस ने मृतक शिक्षक के पिता के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही चार्जशीट लगाई जाएगी, ताकि कातिल को शीघ्र सजा दिलाई जा सके।
रायबरेली जिले के गदागंज थाना क्षेत्र के सुदामापुर गांव निवासी शिक्षक सुनील कुमार, उनकी पत्नी पूनम, दो बेटियों सृष्टि व लाडो अमेठी के शिवरतनगंज थाना क्षेत्र अहोरवा भवानी कस्बे में किराए के मकान में रहते थे। तीन अक्तूबर की देर शाम इन चारों लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
मामले में रायबरेली के ही चंदन वर्मा के खिलाफ पुलिस ने मृतक शिक्षक के पिता राम गोपाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया था। बाद में एसटीएफ टीम ने यमुना एक्सप्रेसवे जेवर से आरोपी को गिरफ्तार किया था, जिसे पुलिस ने उसे जेल भेज दिया था।
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Amethi murder case
- फोटो : अमर उजाला
अब पुलिस ने इस मामले में जांच व कार्रवाई तेज कर दी है। मंगलवार को मृतक के पिता रामगोपाल का विवेचक सीओ डॉ. अजय सिंह ने बयान दर्ज किया। उन्हें रायबरेली से बुलाया गया था। बयान दर्ज करने के साथ ही पुलिस ने घटना स्थल का दोबारा निरीक्षण कर नजरी नक्शा सहित अन्य कार्रवाइयां पूरी की हैं।
पुलिस के अनुसार विवेचना तकरीबन पूरी हो चुकी है। सिर्फ सीडीआर सहित कुछ अन्य रिपोर्ट का इंतजार है। उम्मीद है कि पुलिस आगामी सोमवार तक इस घटना को लेकर आरोपी के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर सकती है। सीओ डॉ. अजय सिंह ने बताया कि मामले में जल्द ही आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
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Amethi murder case
- फोटो : अमर उजाला
उधर, जघन्य हत्याकांड की पृष्ठभूमि क्यों बनी और कैसे शिक्षक सुनील सबकुछ जानने के बाद भी घुटता रहे, इस पर गांव से एक किमी दूर दूर रहने वाले अंबरा मुठई निवासी अरविंद (44) ने अहम जानकारियां दीं। खुद को सुनील का दोस्त बताने वाले अरविंद ने कहा कि कौन दोषी है, चंदन और पूनम के बीच क्या रहा, यह कहना तो मुश्किल है, लेकिन इतना जरूर है कि एक हादसे ने पूनम को चंदन की तरफ मोड़ दिया।
उन्होंने बताया कि सुनील की शादी उतरपारा निवासी पूनम से साल 2016 में हुई थी। उस दौरान सुनील भट्ठे पर मुनीम का काम करने के साथ फेरी लगाते थे। समय ने करवट ली और वह पहले सिपाही फिर शिक्षक बने। इसी के साथ सुनील और पूनम की जिंदगी में बदलाव भी आया।
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पूनम की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
साल 2018 में उनके जुड़वा बच्चे हुए। इसमें एक बेटी समीक्षा और एक बेटा था। बेटा जन्म के समय ही बीमार पड़ गया था। उस दौरान पूनम शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती थी। चंदन वहीं पर लैब टेक्नीशियन था। उसने पूनम व चंदन की मदद की, लेकिन बेटा बच नहीं सका।
इससे पूनम को गहरा सदमा लगा। इस पर चंदन ने उसे भावनात्मक सहारा दिया। इसी के बाद दोनों में नजदीकियां बढ़ीं, लेकिन जब सुनील का ख्याल आता तो पूनम संभल जाती। यह बात चंदन को अखर रही थी। इसी के चलते गत 18 अगस्त को चंदन ने पूनम के साथ बदसुलूकी की और सुनील को पीटा था और अंतत: उसने पूरे परिवार को मौत की नींद सुला दी।
जुलाई में सुदामापुर भी आया था चंदन
बताते हैं कि चंदन जुलाई में सुदामापुर भी आया था। उस दौरान सुनील, पूनम व बच्चे गांव में ही थे। चंदन का आना सुनील के परिजनों को अटपटा लगा, लेकिन सुनील की वजह से सब शांत हो गए। इससे पहले सुनील ने एक अप्रैल को रायबरेली शहर में घर बनवाने के लिए दो विस्वा जमीन ली थी। इसमें चंदन को गवाह बनाया था। नवरात्र में जमीन का भूमि पूजन होना था। जब चंदन को यह बात पता लगी कि सुनील अब स्थायी रूप से रायबरेली में रहने लगेगा तो उसके मंसूबे सफल नहीं होंगे। इससे वह और व्यथित हो गया था। पूनम की मां कृष्णा की मां का कहना है कि जब सुनील ने जमीन खरीदी थी तभी से चंदन उनके दामाद के पीछे पड़ गया था।